
नारी डेस्क : हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले से वफादारी की एक दिल दहला देने वाली कहानी सामने आई है। भरमाणी माता मंदिर के ऊपरी पहाड़ों पर सैर के लिए निकले 19 वर्षीय विकसित राणा और उनके 13 वर्षीय भाई पीयूष बर्फीले तूफान में फंस गए और दोनों की मौत हो गई। घटना तब सामने आई जब बचाव दल ड्रोन और हेलीकॉप्टर की मदद से उन्हें खोजने में सफल हुआ।
मालिक की लाश पर वफादार का पहरा
इस दर्दनाक हादसे के बीच, दोनों भाइयों का पालतू कुत्ता शेरू चार दिनों तक अपने मालिक के शव के पास बैठा रहा। बिना कुछ खाए-पिए, ठंड और बर्फ के बीच शेरू ने उस उम्मीद में पहरा दिया कि शायद उसका मालिक दोबारा उठ खड़ा होगा। लेकिन प्राकृतिक परिस्थितियों ने कुछ और ही लिख दिया।
बचाव दल का पिघला दिल
जब रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची, तो शेरू बहुत कमजोर और ठिठुरा हुआ था। इसके बावजूद वह अपने मालिक के पास से हिलने को तैयार नहीं था। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में बचावकर्मी उसे प्यार से सहलाते हुए पुकार रहे थे, लेकिन शेरू वहीं बना रहा। पुलिस और प्रशासन ने पुष्टि की कि दोनों भाइयों की मौत अत्यधिक ठंड और बर्फीले तूफान के कारण हुई। शेरू की यह अटूट वफादारी दिखाती है कि एक बेजुबान का प्यार इंसानी समझ से कहीं ऊपर होता है।
अधूरे सपने और गमगीन पहाड़
हंसते-खेलते घर से निकले दो बच्चों की इस तरह विदाई ने पूरे इलाके में मातम फैला दिया। उनके माता-पिता बुरी तरह टूट चुके हैं। मोबाइल कैमरे में यादें कैद करने का उत्साह एक ऐसी त्रासदी में बदल गया जो कभी न भरने वाला जख्म देगी।