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Nag Panchami पर करें ये उपाय, सर्पदोष से मिलेगी मुक्ति

  • Edited By neetu,
  • Updated: 29 Jul, 2021 10:36 AM
Nag Panchami पर करें ये उपाय, सर्पदोष से मिलेगी मुक्ति

हिंदू धर्म में व्रत, त्योहार व विशेष तिथियों का बेहद महत्व है। मान्यता है कि इन दिनों भगवान जी की विधि-विधान से पूजा करने से शुभफल की प्राप्ति होती है। वहीं इस समय भगवान शिव जी को समर्पित सावन का पवित्र महीना चल रहा है। इस मास में नागपंचमी का पावन दिन मनाया जाएगा। इस बार यह शुभ दिन 13 अगस्त को पड़ रहा है। मान्यता है कि इस दिन भोलेनाथ को प्रिय नाग देवता को दूध पिलाने, उनकी पूजा व उपाय करने से सर्प भय से मुक्ति मिलती है।  जीवन में अन्न व धन संबंधी समस्याएं दूर होकर खुशहाली आती है। चलिए जानते हैं कुछ खास उपायों के बारे में...

इस मंत्र से सर्पदोष होगा दूर

रोजाना 'सर्पापसर्प भद्रं ते गच्छ सर्प महाविष। जन्मेजयस्य यज्ञान्ते आस्तीक वचनं स्मर।। आस्तीकवचनं समृत्वा यः सर्प न निवर्तते। शतधा भिद्यते मूर्धि्न शिंशपावृक्षको यथा।।' मंत्र का जप करने से सर्प भय दूर होता है। साथ ही घर में संप घुसने की परेशानी से छुटकारा मिलता है। मान्यता है कि नागपंचमी के दिन नाग पूजा के साथ इस मंत्र को बोलने से सर्पदंश के भय यानि नाग योनि से मुक्ति मिलती है।

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गाय के गोबर से करें उपाय

हिंदू धर्म में गाय के को बेहद पवित्र माना गया है। इसलिए हर शुभ व धार्मिक कार्य में इसका इस्तेमाल किया जाता है। नागपंचमी के दिन घर की मुख्य द्वार के दोनों दीवारों पर गोबर से नाग बनाएं। फिर इन नागों पर कच्चा दूध और लावा अर्पित करें। इससे घर में सुख-समृद्धि का संचार होगा।

तांबे के नाग नागिन से करें उपाय

तांबे को शुभ धातु माना गया है। मान्यता है कि नागपंचमी के दिन नाग-नागिन की पूजा करना बेहद शुभ होता है। इसके लिए तांबे के नाग-नागिन की विधि-विधान से पूजा करें। उसके बाद इन नाग-नागिन के जोड़े को तिजोरी, अलमारी यानि अपने धन रखने वाले स्थान पर रख दें। धार्मिक मान्यताओँ के अनुसार, इससे घर में देवी लक्ष्मी का वास होता है। ऐसे में आर्थिक स्थिति मजबूत रहती है।

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नाग गायत्री मंत्र का करें जप

नाग देवता की कृपा पाने के लिए नाग पंचमी के दिन ओम नवकुलाय विद्यमहे विषदंताय धीमहि तन्नो सर्प: प्रचोदयात् ।। ‘सर्वे नागा: प्रीयन्तां मे ये केचित् पृथ्वीतले। ये च हेलिमरीचिस्था ये न्तरे दिवि संस्थिता:।। ये नदीषु महानागा ये सरस्वतिगामिन:। ये च वापीतडागेषु तेषु सर्वेषु वै नम:।।’ नाग गायत्री मंत्र का जप करें।

अगर आपको यह मंत्र बोलने में कठिन लगे तो आप ऐसा बोल सकते हैं, 'जो नाग पृथ्वी में, आकाश में, स्वर्ग में, सूर्य की किरणों में, सरोवरों में, वापी में, कूप में, तालाब में रहते हैं वे सभी मेरा नमस्कार स्वीकार करें।' इस मंत्र को बोलने के बाद इस शुभ दिन पर नींबू और नीम के पत्ते जरूर चबाएं। मान्यता है कि नागपंचमी के शुभ दिन पर नाग देवता की पूजा करने से नाग लोक के नाग खुश होते हैं। इससे जीवन में नाग भय दूर होने के साथ घर में बरकत बनी रहती है।  

 

 

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