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2040 तक और भी जानलेवा हो जाएगा  ब्रैस्ट कैंसर, 5 साल में 6 लाख से ज्यादा महिलाओं की हुई मौत

  • Edited By vasudha,
  • Updated: 16 Apr, 2024 11:24 AM
2040 तक और भी जानलेवा हो जाएगा  ब्रैस्ट कैंसर, 5 साल में 6 लाख से ज्यादा महिलाओं की हुई मौत

स्तन कैंसर अब दुनिया की सबसे आम कैंसर है और इस रोग से 2040 तक प्रति वर्ष 10 लाख लोगों की मौत होने की आशंका है। यह बात ‘लैंसेट' की एक नयी रिपोर्ट से सामने आयी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि 2020 के अंत तक पांच वर्षों में लगभग 78 लाख महिलाओं के स्तन कैंसर से पीड़ित होने का पता चला और उस वर्ष लगभग 685,000 महिलाओं की इस बीमारी से मृत्यु हो गई।

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 रिपोर्ट में अनुमान जताया गया है कि वैश्विक स्तर पर, स्तन कैंसर के मामले 2020 में 23 लाख से बढ़कर 2040 तक 30 लाख से अधिक हो जाएंगे, जिससे निम्न और मध्यम आय वाले देश प्रभावित होंगे। रिपोर्ट में कहा गया है कि कि 2040 तक बीमारी के चलते सालाना 10 लाख लोगों की मौत होने की आशंका है। लैंसेट रिपोर्ट में स्तन कैंसर के कारण "भयावह असमानताओं" और लक्षणों, निराशा व वित्तीय बोझ से पीड़ित होने की ओर इशारा किया गया है।

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 रिपोर्ट में इन चुनौतियों से निपटने के लिए रोगियों और स्वास्थ्य पेशेवरों के बीच बेहतर संचार का सुझाव दिया गया है, जिससे जीवन की गुणवत्ता, शारीरिक स्वास्थ्य में सुधार हो सकता है और जीवन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। एमोरी यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मेडिसिन, अमेरिका की रेशमा जगसी ने कहा- "महिलाओं के मौलिक मानवाधिकारों को ऐतिहासिक रूप से सभी जगह पुरुषों की तुलना में कम सम्मान दिया गया है, जिसका प्रभाव रोगी के रोग से उबरने की क्षमता पर पड़ता है।”

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 भारतीय महिलाओं में स्तन कैंसर सबसे अधिक पाया जाने वाला कैंसर है और यहां प्रति वर्ष लगभग 1.5 से 2 लाख नए मामले सामने आते हैं। बड़ी बात ताे यह है कि अधिकतर महिलाओं को यह पता भी नहीं होता है कि वह ब्रेस्ट कैंसर के खतरे से जूझ रही हैं।आमतौर पर 70 प्रतिशत महिलाएं एडवांस स्टेज में डॉक्टर के पास पहुंचती हैं।

स्तन कैंसर की क्या है पहचान 


-महिलाओं के स्तन में दर्द रहित एक गांठ होना है।
-निप्पल में खून जैसा पानी या डिस्चार्ज होना।
-निप्प्ल का बाहर की जगह स्तन के अंदर धस जाना।
-निप्पल पर दाद या रैशेज होना।
स्तन के आकार में बदलाव होना ब्रेस्ट कैंसर के लक्षण । 


कैसे करें बचाव 

डॉक्टरों की मानें तो  महिलाओं को हर छह महीने में अपना ब्लड टेस्ट करवाना चाहिए, इससे  शरीर में होने वाले बदलाव का पता चलता रहेगा। इसके साथ ही प्रेग्नेंसी के पहले और बाद में भी जांच करवाने की भी सलाह दी जाती है। अगर महिलाएं शुरूआती स्टेज में इस पर ध्यान दें , तो सही इलाज करके ब्रेस्ट बचाया भी जा सकता है।
 

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