नारी डेस्क: कोलन कैंसर (बड़ी आंत का कैंसर) आजकल तेजी से बढ़ता देखा जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, इसकी शुरुआती पहचान हो जाए तो इलाज की संभावना काफी बेहतर हो जाती है। समस्या यह है कि कई लोग शुरुआती लक्षणों को सामान्य गैस, कब्ज या बवासीर समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। यहां जानिए वे टॉप 5 चेतावनी संकेत, जिन्हें बिल्कुल अनदेखा नहीं करना चाहिए।
मल त्याग की आदतों में अचानक बदलाव
लगातार कब्ज या दस्त, मल का पतला या रिबन जैसा होना, कई दिनों तक पेट साफ न होना अगर ये बदलाव 2–3 हफ्तों से ज्यादा समय तक बने रहें, तो जांच कराना जरूरी है।

मल में खून आना
टॉयलेट पेपर पर खून दिखना, मल के साथ लाल या काला खून कई लोग इसे बवासीर समझ लेते हैं, लेकिन बार-बार खून दिखे तो डॉक्टर से सलाह लें।
पेट में लगातार दर्द या ऐंठन
पेट के निचले हिस्से में लगातार दर्द, सूजन या भारीपन महसूस होना, गैस जैसी समस्या जो ठीक न हो लंबे समय तक बना रहने वाला दर्द चेतावनी संकेत हो सकता है।
बिना कारण वजन कम होना
अगर आपकी डाइट और एक्सरसाइज में बदलाव नहीं हुआ है, फिर भी वजन तेजी से घट रहा है, तो यह गंभीर संकेत हो सकता है।

लगातार कमजोरी और थकान
आंतरिक रक्तस्राव के कारण शरीर में एनीमिया हो सकता है, जिससे लगातार थकान और कमजोरी महसूस होती है।
इन लोगों को सतर्क रहने की जरूरत
45 वर्ष से अधिक उम्र के लोग, जिनके परिवार में कोलन कैंसर का इतिहास हो या जिन्हें लंबे समय से अल्सरेटिव कोलाइटिस जैसी आंतों की बीमारी हो उन्हें सतर्क रहले की जरुरत है। ऐसे में लक्षण दिखने पर तुरंत गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट से मिलें, समय पर कोलोनोस्कोपी जैसी जांच करवाएं, फाइबर युक्त आहार लें, नियमित व्यायाम करें। कोलन कैंसर के शुरुआती लक्षण हल्के लग सकते हैं, लेकिन इन्हें नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है। समय पर पहचान ही सबसे बड़ा बचाव है।