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संजल गवांडे ने रोशन किया देश का नाम, Blue Origin के साथ जेफ बेजोस के सपनों को देगी उड़ान

  • Edited By Anjali Rajput,
  • Updated: 17 Jul, 2021 02:50 PM
संजल गवांडे ने रोशन किया देश का नाम, Blue Origin के साथ जेफ बेजोस के सपनों को देगी उड़ान

अमेजान ( Amazon) के संस्थापक और अरबपति जेफ बेजोस 20 जुलाई को ब्लू ओरिजिन (Blue Origin) टीम के साथ अंतरिक्ष में उड़ान भरने के लिए तैयार हैं। रॉकेट के निर्माण में शामिल लोगों में जो बेजोस को अंतरिक्ष में लॉन्च करेंगे, उनमें महाराष्ट्र के कल्याण निवासी संजल गावंडे (Sanjal Gavande) भी शामिल हैं।

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कौन है संजल गावंडे?

30 वर्षीय संजल गावंडे उस टीम का हिस्सा हैं जिसने बेजोस की अंतरिक्ष अन्वेषण कंपनी ब्लू ओरिजिन के लिए रॉकेट सिस्टम न्यू शेपर्ड बनाया था। नगर निगम कर्मचारी की बेटी संजल महाराष्ट्र, कल्याण के कोलसेवाड़ी इलाके में रहती हैं। उन्होंने मुंबई विश्वविद्यालय से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की डिग्री पूरी की। फिर परास्नातक करने के लिए अमेरिका में मिशिगन टेक्नोलॉजिक यूनिवर्सिटी चली गईं। इसके बाद उन्होंने संजला गावंडे ने मास्टर्स के दौरान एयरोस्पेस को सब्जेक्ट के रूप में चुना।

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माता-पिता से मिला समर्थन

संजल गावंडे के माता-पिता ने कहा कि उनकी बेटी ने आखिरकार वह हासिल कर लिया है, जिसका उन्होंने सपना देखा था। वह हमेशा एक अंतरिक्ष यान का निर्माण करना चाहती थी और इसलिए उसने मिशिगन टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी में मास्टर्स में एयरोस्पेस का विषय। हमने बस उसका समर्थन किया और उसने अपने दम पर सब कुछ हासिल किया।

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मिल चुका है कमर्शियल पायलट का लाइसेंस

उन्होने विस्कॉन्सिन में मास्टर्स पूरा करने के बाद मर्करी मरीन के साथ काम किया। फिर वह टोयोटा रेसिंग डेवलपमेंट के साथ काम करने चली गई। उन्हें अमेरिका में एक कमर्शियल पायलट लाइसेंस भी मिल चुका है। वह ब्लू ओरिजिन में शामिल होना चाहती थी इसलिए वह वेबसाइट में अक्सर आवेदन भरती रहती थी, आखिरकार उनका यह सपना भी पूरा हो गया। इसके अलावा वह महिला पायलटों के 90-90 अंतर्राष्ट्रीय संगठन की अध्यक्ष भी रह चुकी हैं।

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लड़की होते हुए क्यों चुनी मैकेनिकल इंजीनियरिंग"

संजल गावंडे की मां सुरेखा ने कहा, "वह बचपन से ही एक मूक लड़की थी और पढ़ाई में अच्छी थी। वह ड्राइंग में भी अच्छी थी और उसने कई प्रशंसाएं हासिल कीं, जिसने मैकेनिकल इंजीनियरिंग को चुनते समय उसे मैकेनिकल डिजाइन में मदद की। लोगों ने हमें कहा कि लड़की होते हुए उसने मैकेनिकल इंजीनियरिंग का विकल्प क्यों चुना है? मैंने भी कभी-कभी सोचा कि क्या वह इतनी मेहनत कर पाएगी। मगर, एयरोस्पेस रॉकेट डिजाइन करके उसने अब हम सभी को गौरवान्वित किया है।"

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