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इन इलाकों में  फैला बर्ड फ्लू : 4575 मुर्गियां मारी गईं, इंसानों में कैसे फैलता है ये फ्लू

  • Edited By Priya Yadav,
  • Updated: 28 Feb, 2026 10:49 AM
इन इलाकों में  फैला बर्ड फ्लू : 4575 मुर्गियां मारी गईं, इंसानों में कैसे फैलता है ये फ्लू

नारी डेस्क: बिहार में बर्ड फ्लू (H5N1) की पुष्टि होने के बाद राज्य सरकार ने तुरंत अलर्ट जारी कर दिया है। कई जगहों पर अचानक पक्षियों की मौत की खबर सामने आने के बाद प्रशासन ने सैंपल जांच कराई, जिसमें संक्रमण की पुष्टि हुई। इसके बाद स्वास्थ्य और पशुपालन विभाग की टीमें सक्रिय हो गईं। सरकार ने लोगों से सतर्क रहने और अफवाहों से बचने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए हर जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।

इन इलाकों में मिला संक्रमण

राजधानी पटना के पीसी कॉलोनी (कंकड़बाग), जू-सेक्टर पार्क और पटना हाई कोर्ट परिसर में मृत कौए और मुर्गियां पाई गई थीं। जब इनके सैंपल जांच के लिए भेजे गए तो रिपोर्ट में बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई। इसके बाद इन सभी इलाकों को संक्रमित घोषित कर दिया गया। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों के एक किलोमीटर के दायरे को कंटेनमेंट जोन बनाकर सील कर दिया है। इन इलाकों में लगातार दवा का छिड़काव किया जा रहा है और लोगों की आवाजाही पर निगरानी रखी जा रही है।

4575 मुर्गियां मारकर दफनाईं, अंडे और दाना नष्ट

संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए बड़े स्तर पर कार्रवाई की गई है। पूरे प्रदेश में करीब 4575 मुर्गियों को मारकर सुरक्षित तरीके से दफनाया गया है। इसके अलावा 9662 अंडों को नष्ट किया गया और लगभग 530 किलो दाना भी खत्म कर दिया गया। प्रशासन का कहना है कि यह कदम पूरी सावधानी के साथ उठाए गए हैं, ताकि वायरस का असर आगे न बढ़े और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

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7 मार्च तक बंद रहेगा पटना जू

बर्ड फ्लू के खतरे को देखते हुए Sanjay Gandhi Biological Park (पटना जू) को 7 मार्च तक के लिए बंद कर दिया गया है। जू परिसर से पानी, मिट्टी, खून और अन्य सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। जब तक रिपोर्ट पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो जाती, तब तक आम लोगों की एंट्री पर रोक रहेगी। जू के बर्ड वार्ड को सैनिटाइज कर दिया गया है और डॉक्टरों की टीम वहां मौजूद पक्षियों की सेहत पर लगातार नजर रख रही है।

इंसानों में कैसे फैलता है बर्ड फ्लू?

प्रशासन के अनुसार, बर्ड फ्लू मुख्य रूप से संक्रमित पक्षियों के सीधे संपर्क में आने से इंसानों में फैल सकता है। अगर कोई व्यक्ति संक्रमित पक्षी को छूता है, उसकी लार या शरीर के तरल पदार्थ के संपर्क में आता है, या उसके पंखों और छींक से फैले वायरस को सांस के जरिए अंदर ले लेता है, तो संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। हालांकि यह बीमारी इंसानों में आसानी से नहीं फैलती, लेकिन सावधानी बेहद जरूरी है।

सरकार की एडवाइजरी और लोगों से अपील

सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे मृत पक्षियों को हाथ न लगाएं और ऐसी किसी भी घटना की तुरंत सूचना प्रशासन को दें। चिकन और अंडे अच्छी तरह पकाकर ही खाएं। अगर किसी को बुखार, खांसी, गले में दर्द या सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षण महसूस हों तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। साथ ही अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल सरकारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।

राज्य सरकार ने भरोसा दिलाया है कि स्थिति नियंत्रण में है। लोगों से घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन सतर्क रहना बेहद जरूरी है।   
  

 

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