नारी डेस्क : जैसे ही सर्दी का मौसम हिमालयी इलाकों में दस्तक देता है, वैसे ही भारत की कई ऊंचाई पर स्थित झीलें बर्फ की मोटी चादर से ढक जाती हैं। दिसंबर से फरवरी के बीच ये झीलें पूरी तरह जम जाती हैं और किसी परी-कथा जैसी खूबसूरती में बदल जाती हैं। कश्मीर से लेकर सिक्किम तक फैली ये झीलें न सिर्फ प्रकृति प्रेमियों बल्कि एडवेंचर के शौकीनों को भी अपनी ओर खींचती हैं। सर्दियों में इन इलाकों की यात्रा करते समय पर्यटकों को बेहद सावधानी बरतनी चाहिए। स्थानीय नियमों का पालन करें, पर्यावरण को नुकसान न पहुंचाएं और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। आइए जानते हैं भारत की उन 5 सबसे खूबसूरत झीलों के बारे में, जो सर्दियों में पूरी तरह जम जाती हैं।
पांगोंग त्सो, लद्दाख
पांगोंग त्सो लद्दाख की सबसे मशहूर झीलों में से एक है, जो फिल्म 3 इडियट्स के बाद दुनियाभर में चर्चित हुई। लगभग 4,350 मीटर की ऊंचाई पर स्थित यह दुनिया की सबसे ऊंची खारे पानी की झीलों में गिनी जाती है। सर्दियों में इसका नीला पानी पूरी तरह जम जाता है और चारों तरफ बर्फ से ढकी पहाड़ियां इसे और भी खूबसूरत बना देती हैं। ठंड के मौसम में यहां का नज़ारा किसी आइस वंडरलैंड से कम नहीं लगता।

रूपकुंड झील, उत्तराखंड
उत्तराखंड की रूपकुंड झील अपनी रहस्यमयी कहानियों के लिए जानी जाती है। यह झील करीब 4,800 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है और यहां पाए गए मानव कंकालों की वजह से इसे “स्केलेटन लेक” भी कहा जाता है। सर्दियों में यह झील पूरी तरह बर्फ से ढक जाती है। चारों तरफ बर्फीले पहाड़ और सन्नाटा इस जगह को रहस्यमयी लेकिन बेहद आकर्षक बना देता है। यह ट्रेकिंग के शौकीनों के लिए भी पसंदीदा डेस्टिनेशन है।
गुरुडोंगमार झील, सिक्किम
गुरुडोंगमार झील दुनिया की सबसे ऊंची झीलों में से एक है, जो करीब 5,430 मीटर (17,800 फीट) की ऊंचाई पर स्थित है। यह झील बौद्ध और सिख दोनों धर्मों के लिए बेहद पवित्र मानी जाती है। सर्दियों में जब यह झील पूरी तरह जम जाती है, तब इसके आसपास का नज़ारा बेहद अलौकिक लगता है। बर्फ से ढकी चोटियां और शांत वातावरण मन को सुकून देता है।

अलपाथर झील, गुलमर्ग (कश्मीर)
अलपाथर झील कश्मीर के गुलमर्ग में अफरवात पीक के नीचे स्थित है। लगभग 4,380 मीटर की ऊंचाई पर मौजूद यह झील सर्दियों में पूरी तरह जम जाती है। बर्फ से ढके पहाड़, ठंडी हवाएं और सफेद चादर से ढकी झील इसे फोटोग्राफी और नेचर लवर्स के लिए परफेक्ट जगह बनाती है। जो लोग शांति और सुकून की तलाश में होते हैं, उनके लिए यह जगह किसी स्वर्ग से कम नहीं।
सुरज ताल, हिमाचल प्रदेश
हिमाचल प्रदेश के बारालाचा ला पास के पास स्थित सुरज ताल भारत की तीसरी सबसे ऊंची झील मानी जाती है। इसे “सूर्य देव की झील” भी कहा जाता है। दिसंबर से फरवरी के बीच यह झील पूरी तरह जम जाती है और आसपास की बर्फीली चोटियां इसके सौंदर्य को कई गुना बढ़ा देती हैं। यह जगह खासतौर पर ट्रेकर्स और बाइकर्स के बीच काफी लोकप्रिय है।

सर्दियों में जमने वाली ये झीलें भारत की प्राकृतिक धरोहर का अनमोल हिस्सा हैं। इनका बर्फीला सौंदर्य न सिर्फ आंखों को सुकून देता है, बल्कि जीवनभर याद रहने वाला अनुभव भी प्रदान करता है। अगर आप ठंड में घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो इन जमी हुई झीलों को अपनी ट्रैवल लिस्ट में जरूर शामिल करें।