
दुनियाभर के कई देशों में 1 मई को अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस या लेवर डे मनाया जाता है। इस दिन देश की लगभग सभी कंपनियों में छुट्टी दी जाती है। सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि दुनिया के करीब 80 देशों में इस दिन राष्ट्रीय छुट्टी होती है। इस दिन की शुरुआत 1 मई 1886 से हुई। इस दिन को मनाने का मकसद कामकाजी लोगों और मजदूरों को सम्मान देना है। आइए जानते हैं इस दिन से जुड़ी कुछ खास बातें।
मजदूर दिवस से जुड़ी कुछ खास बातें...
1. भारत में मजदूर दिवस सबसे पहले चेन्नई में मनाया गया था। इस दिन की शुरुआत 1 मई 1886 से हुई लेकिन चेन्नई में इस दिन को 1 मई 1923 से मनाना शुरू किया गया था।

2. मद्रास में यह दिन 'मद्रास दिवस' के रूप में मनाया जाता है। इस दिन को 'मई दिवस' के रुप में भी मनाया जाता है।
3. अन्तर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस की शुरुआत अमेरिका के एक आंदोलन द्वारा हुई थी। इस आंदोलन के दौरान अमेरिका के मजदूरों ने काम करने के लिए 8 घंटे का समय निर्धारित किए जाने के लिए आंदोलन किया था। इसके बाद यह नियम दुनिया के सभी देशों में लागू किया गया।
4. लेबर डे को हिंदी में 'कामगर दिवस' के तौर पर भी मनाया जाता है। भारत में इस दिन सार्वजनिक छुट्टी मानी जाती है, जिसमें स्कूल, ऑफिस, स्टॉक मार्केट जैसी जगहों की छुट्टी होती है।
5. इस दिन मजदूर दिवस दुनियाभर में मनाया जाता है लेकिन भारत में ज्यादातर मजदूरों को इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है।
6. इस दिन शहीद मजदूरों को श्रद्धांजलि भी दी जाती है और उनकी प्रॉब्लम्स को हल किया जाता है। मगर आज भी कई मजदूर इस दिन को न मानते हुए काम पर जाते हैं।
