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70 मीटर गहरे समुद्र में 13 मिनट तक सांस रोक सकते हैं बाजाओ आदिवासी

70 मीटर गहरे समुद्र में 13 मिनट तक सांस रोक सकते हैं बाजाओ आदिवासी
Views:- Monday, May 14, 2018-5:22 PM

एक सांस में 70 मीटर गहरे समुद्र में उतरना और वहां बिना किसी ऑक्सीजन के करीब13 मिनट तक मछलियां मारना, विज्ञान ने हाल ही में बाजाओ कबीले के इस रहस्य का राज खोला है।


अंडेमान-निकोबार तथा दक्षिण-पूर्व एशिया के बाजाओ आदिवासी बिना किसी ऑक्सीजन के समुद्र में कई मिनट तक डूबे रहते हैं। उन पर लंबे शोध के बाद वैज्ञानिकों का दावा है कि जीन(वंशाणुओं) में बदलाव के चलते वे एेसा कर पाते हैं। इन लोगों की तिल्ली या प्लीहा वक्त के साथ-साथ काफी बड़ी हो गई है। पेट में मौजूद तिल्ली शरीर में से ऑक्सीजन से समृद्ध लाल रक्त कोशिकाओं को स्टोर रखती है। जब जररूरत पड़ती है तब तिल्ली से कणिकाएं निकलती हैं और पर्याप्त ऑक्सीजन मुहैया कराती हैं। 

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बड़ी तिल्ली के चलते बाजाओ गोताखोरों के शरीर में ऑक्सीजन की सप्लाई ज्यादा हो सकती है। इसके चलते वे काफी देर तक समुद्र के अंदर सांस रोक पाने में सफल होते हैं। 


ये लोग भोजन की तलाश में रोज समुद्र में गोता लगाते हैं।आमतौर पर वे बगैर ऑक्सीजन के 70 मीटर की गहराई तक जाते हैं। उस गहराई पर वे एक सांस में 13 मिनट तक पैदल चल या फिर तैर सकते हैं। तलहटी में पैदल चलते हुए वे नुकीले बर्छों से शिकार करते हैं। ये गोताखोर अपने रोजमर्रा के कामकाज का 60 प्रतिशत हिस्सा समुद्र के भीतर बिताते हैं। 


 


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