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दिवाली पर मुख्य द्वार पर क्यों लगाया जाता है तोरण, जानिए इसका महत्व

  • Edited By Anjali Rajput,
  • Updated: 31 Oct, 2021 03:27 PM
दिवाली पर मुख्य द्वार पर क्यों लगाया जाता है तोरण, जानिए इसका महत्व

दिपावली का त्यौहार आने में अब कुछ ही दिन बचे हैं। माना जाता है कि इस दिन धन की देवी मां लक्ष्मी जी धरती पर आती हैं इसलिए लोग अपने घर, दुकानों का साफ-सफाई करने के साथ-साथ सजावट पर भी खास ध्यान देते हैं। इस दिन लोग अपने घर को सजाने के लिए दीयों, नए-नए शो-पीस, कर्टन, फर्नीचर आदि का इस्तेमाल करते हैं। वहीं दिवाली डैकोरेशन में एक और चीज को अहमियत दी जाती है, तोरण। दिवाली सजावट की शुरूआत ही घर के मुख्य द्वार पर तोरण लगाकर की जाती है, लेकिन क्या आप जानते हैं क्यों? चलिए आपको बताते हैं कि दिवाली पर तोरण लगाना क्यों शुभ है और आपको कौन-सी तोरण लगानी चाहिए।

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क्यों लगाया जाता है तोरण?

तोरण को बंदनवार भी कहा जाता है। मां लक्ष्मी के स्वागत व उन्हें प्रसन्न करने के लिए दरवाजे पर इसे लगाना शुभ माना जाता है। इसे शुभ मौको पर जैसे बच्चे के जन्म, शादी, मेहमानों के स्वागत के लिए दरवाजों व खिड़कियों पर लगाया जाता है। तोरण लगाने से घर की नाकारात्मक ऊर्जा दरवाजे से ही वापिस चली जाती है।

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कई तरीकों से बनाया जाता है तोरण

तोरण कई तरह से बनाए जाते हैं। आम के पत्तों,धान की बालियों और गेंदे को फूलोें से बना तोरण का अलग-अलग महत्व है।

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आम के पत्तों का तोरण

आम के पत्तों को मुख्य द्वार पर तोरण के रूप में लटकाने से घर में आने वाले हर व्यक्ति के साथ साकारात्मक ऊर्जा प्रवेश करती हैं। इससे हर काम बिना विघ्न पूरा हो जाता है।

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गेंदे के फूल से बना तोरण

गेंदे के फूल भी आम के पत्तों के साथ लगाना शुभ माना जाता है। पीले रंग के इन फूलों का संबंध बृहस्पति ग्रह से होता है इसलिए कहा जाता है कि जिस घर के द्वार पर गेंदे का फूल लगाया जाता है उस घर में सुख-समृद्धि आती है।

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धान की बालियों वाला तोरण

धान का इस्तेमाल भी तोरण के लिए शुभ माना जाता है। पुराने जमाने में लोग धान की बालियां वाला तोरण लगाते थे। मान्यता है कि घर के दरवाजे पर धान की बालियां लगाने से घर धन-धान्य से भरा होता है और ऐसे घरों में कभी अनाज की कमी नहीं होती।

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समय बदलने के साथ-साथ अब तोरण की बनावट में भी बदलाव आ रहा है। तोरण को आज भी डैकोरेशन का खास हिस्सा माना जाता है लेकिन अब इसमें आम के पत्तों,धान की बालियों और गेंदे के फूलों की जगह पर मोती, कलश, आर्टीफिशियल पत्तों, रंग-बिरंगे फूल व खूबसूरत इम्ब्रायडरी वाले तोरण ने ले ली है।  

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पेपर तोरण

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पॉम-पॉम तोरण

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क्विलिड पीकॉक पेपर तोरण

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