नारी डेस्क: किडनी हमारे शरीर का एक बहुत ही महत्वपूर्ण अंग है। यह खून को साफ करती है, शरीर से विषैले पदार्थ निकालती है और पानी और इलेक्ट्रोलाइट संतुलन बनाए रखती है। जब किडनी ठीक से काम नहीं करती, तो शरीर में कई तरह के संकेत दिखने लगते हैं। इन लक्षणों को नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है, क्योंकि समय पर इलाज न होने पर किडनी फेलियर जैसी गंभीर समस्या हो सकती है।
किडनी खराब होने पर दर्द
किडनी में समस्या होने पर सबसे पहले पीठ के निचले हिस्से या पसलियों के ठीक नीचे दर्द महसूस होता है। कई बार यह दर्द पेट के साइड या कमर के आसपास भी फैल सकता है। शुरुआती दौर में दर्द हल्का होता है, लेकिन धीरे-धीरे यह रीढ़ की हड्डी, जांघ और पेट तक फैल सकता है। इसलिए अगर पीठ या कमर में लगातार दर्द है और इसके साथ अन्य लक्षण भी दिख रहे हैं, तो इसे नजरअंदाज न करें।

किडनी खराब होने के 10 बड़े संकेत
बार-बार पेशाब आना: अगर दिन में बार-बार पेशाब की जरूरत महसूस हो रही है, तो यह किडनी खराब होने का शुरुआती संकेत हो सकता है। यह सिर्फ पानी ज्यादा पीने के कारण नहीं होता। किडनी का सही तरीके से काम न करना पेशाब की मात्रा और बार-बार जाने की आदत को बढ़ा देता है।
पेशाब में जलन या दर्द होना: पेशाब करते समय जलन या हल्का दर्द महसूस होना भी एक गंभीर संकेत है। यह संकेत देता है कि किडनी या मूत्र मार्ग में किसी तरह की समस्या है। इसे हल्के में न लें और डॉक्टर से चेकअप करवाएं।
पेशाब का रंग गहरा होना: सामान्य रूप से पेशाब का रंग हल्का पीला होता है। लेकिन अगर पर्याप्त पानी पीने के बाद भी पेशाब गहरा या गाढ़ा हो रहा है, तो यह किडनी की कमजोरी का संकेत हो सकता है। इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
पेशाब में खून आना: अगर पेशाब में खून दिखाई दे, तो इसे कभी भी हल्के में न लें। यह संकेत किडनी या मूत्र मार्ग में गंभीर समस्या का हो सकता है। ऐसे मामलों में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है।
चेहरे पर सूजन: खासकर सुबह उठते समय चेहरे या आंखों के नीचे सूजन होना आम लक्षण है। यह किडनी में दिक्कत होने पर शरीर में पानी जमा होने के कारण होता है। लंबे समय तक इसे अनदेखा करना खतरनाक हो सकता है।

लगातार थकान महसूस होना: अगर आप बिना शारीरिक मेहनत किए थका हुआ महसूस करते हैं, तो यह भी किडनी की कमजोरी का संकेत हो सकता है। किडनी शरीर से विषैले पदार्थ नहीं निकाल पा रही होती, जिससे ऊर्जा की कमी और थकान महसूस होती है।
भूख कम लगना: किडनी फेल होने से शरीर की भूख कम हो सकती है। यदि आपकी खाने की आदतों में अचानक बदलाव आया है और भूख कम लग रही है, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
बार-बार उल्टी या मतली होना: किडनी खराब होने पर बार-बार उल्टी या मितली जैसी समस्या दिखाई दे सकती है। यह शरीर में विषाक्त पदार्थ जमा होने के कारण होता है और इसे नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है।
स्किन में खुजली: अगर पूरे शरीर में बार-बार खुजली महसूस हो रही है, तो यह भी किडनी की कमजोरी का संकेत हो सकता है। किडनी सही तरीके से काम न करने पर त्वचा पर भी असर पड़ता है।
सांस लेने में दिक्कत: किडनी की समस्या के कारण शरीर में पानी जमा हो जाता है, जिससे सांस लेने में कठिनाई हो सकती है। छोटी दूरी तय करने या सामान्य बातचीत के दौरान भी सांस फूलने लगे, तो यह गंभीर संकेत है और तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए।

किडनी की सुरक्षा और ध्यान देने योग्य बातें
यदि आपको ऊपर बताए गए 5 या उससे ज्यादा लक्षण दिखाई दें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। समय रहते इलाज करवाने से गंभीर समस्या जैसे किडनी फेलियर से बचा जा सकता है। अपने जीवन में निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना भी जरूरी है पर्याप्त पानी पीएं, लेकिन सोने से ठीक पहले ज्यादा तरल पदार्थ न लें। नमक का सेवन नियंत्रित करें। रेगुलर हेल्थ चेकअप कराएं। वजन और ब्लड प्रेशर पर ध्यान दें।
किडनी की बीमारी अक्सर शुरुआती दौर में नजरअंदाज कर दी जाती है। समय रहते इसके संकेत पहचानने और डॉक्टर से सलाह लेने से आप अपनी किडनी को सुरक्षित रख सकते हैं।