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इस गणतंत्र दिवस पर क्या है खास?

  • Edited By Punjab Kesari,
  • Updated: 25 Jan, 2017 08:24 PM
इस गणतंत्र दिवस पर क्या है खास?

लाइफस्टाइलः गणतंत्र दिवस भारत का एक राष्ट्रीय पर्व है, जिसे हर वर्ष 26 जनवरी को पूरे सम्मान के साथ मनाया जाता है। इसी दिन सन 1950 को भारतीय का संविधान लागू किया गया  था। एक स्वतंत्र गणराज्य बनने और देश में कानून का राज स्थापित करने के लिए, 26 नवम्बर 1949 को भारतीय संविधान सभा द्वारा इस संविधान को अपनाया गया और 26 जनवरी 1950 को इसे एक लोकतांत्रिक सरकार प्रणाली के साथ लागू किया गया था। इस दिन को भारतीय सरकार द्वारा राष्ट्रीय अवकाश के रुप में घोषित किया गया है। हर वर्ष की तरह इस बार भी वर्ष 2017 में 26 जनवरी गुरूवार को भारत अपना 68वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। गणतंत्र दिवस 2017 के मुख्य अतिथि अबुधाबी के क्राउन प्रिंस शेख मोहमद बिन ज़ायेद अल नाह्यान है।


क्या खास है इस गणतंत्र दिवस 2017 पर
- गणतंत्र दिवस 2017 पर अबु धाबी के क्राउन प्रिंस (शेख मोहमद बिन ज़ायेद अल नाह्यान) मुख्य अतिथि होंगे।

- यूएई (UAE) से अतिथि के सम्मान में गणतंत्र दिवस परेड का स्थल, राजपथ, डेट पाम के पौधों से सजाया जाएगा। खजूर यूएई का राष्ट्र फल है जिसके उपलक्ष में हर साल यूएई इंटरनेशनल डेट पाम फेस्टिवल मनाता है।

- स्किल इंडिया(कौशल विकास) और बेटी बचाओ - बेटी पढ़ाओ 68वां गणतंत्र दिवस झांकी के मुख्य विषय हैं।

- इंडिया के नैशनल सिक्योरिटी गार्ड (NSG) टीम के द्वारा पहली बार राजपथ पर कुछ आश्चर्यजनक प्रदर्शन दिखाया जाएगा जैसे कि NSG एंथम (NSG anthem) गान (गुलज़ार के द्वारा लिखा गया), एंटी-हाईजैक टीम, एंटी-सेबोटेज टीम, कॉम्बैट फ्री-फॉलर्स, CBRNE टीम (केमिकल, बायोलॉजिकल, रेडियोलॉजिकल एंड नुक्लेअर डिफेंस टीम) और डीप डाइवर्स टीम के द्वारा प्रदर्शन।

- पहली बार राजपथ पर NSG वेहिकल (जिसका नाम है - Sherpa - बुलेट प्रूफ वेहिकल) का भी प्रदर्शन होगा। यह खुद एक कमांडो है जोकि शक्तिशाली बिस्फोट को रोक सकता है और पानी के अंदर भी जा सकता है।

गणतंत्र दिवस मनाने का इतिहास
वर्ष 1947 में 15 अगस्त को अंग्रेजी शासन से भारत को आजादी मिली थी। उस समय देश का कोई स्थायी संविधान नहीं था। पहली बार, वर्ष 1947 में 4 नवंबर को राष्ट्रीय सभा को ड्राफ्टिंग कमेटी के द्वारा भारतीय संविधान का पहला ड्राफ्ट प्रस्तुत किया गया था। वर्ष 1950 में 24 जनवरी को हिन्दी और अंग्रेजी में दो संस्करणों में राष्ट्रीय सभा द्वारा भारतीय संविधान का पहला ड्राफ्ट हस्ताक्षरित हुआ था। तब 26 जनवरी 1950 अर्थात् गणतंत्र दिवस को भारतीय संविधान अस्तित्व में आया। तब से भारत में गणतंत्र दिवस के रुप में 26 जनवरी मनाने की शुरुआत हुई थी।


26 जनवरी मनाने का महत्व
गणतंत्र दिवस स्वतंत्र भारत के लिए सच्चे साहस का प्रतीक है जहां सैन्य परेड, सैन्य सामानों की प्रदर्शनी, भारतीय राष्ट्रपति द्वारा राष्ट्रीय झंडे को सलामी और इस दिन विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। भारतीय झंडे में क्षैतिज दिशा में तीन रंग होते हैं और बीच में एक चक्र होता है जो अशोका की राजधानी सारनाथ के शेर को दिखाता है। भारत में विभिन्न संस्कृति, समाज, धर्म और भाषा के लोग एक साथ रहते हैं। भारत को यह स्वतंत्रता विभिन्न मुश्किलों और बाधाओं को पार करने के बाद मिली थी। 


 

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