09 JUNTUESDAY2026 10:11:45 PM
Nari

Prada ने कोल्हापुरी चप्पलों के साथ किया समझौता! 84,000 में बिकेंगी, विश्व भर के 40 स्टोरों में किया जाएगा launch

  • Edited By Monika,
  • Updated: 12 Dec, 2025 12:38 PM
Prada ने कोल्हापुरी चप्पलों के साथ किया समझौता! 84,000 में बिकेंगी, विश्व भर के 40 स्टोरों में किया जाएगा launch

नारी डेस्क : इटली के लग्जरी ब्रांड प्राडा ने भारतीय कारीगरों के साथ साझेदारी करके कोल्हापुरी चप्पलों का एक सीमित संस्करण लॉन्च करने की घोषणा की है। इस श्रृंखला में लगभग 2,000 जोड़ी चप्पलें शामिल होंगी, जिनकी कीमत लगभग 84,000 रुपये (लगभग 930 डॉलर) होगी। यह संग्रह प्राडा के विश्वभर के 40 चुनिंदा स्टोरों और उसकी वेबसाइट पर फरवरी से उपलब्ध होगा।

पारंपरिक कला और वैश्विक फैशन का संगम

प्राडा (Prada) ने कहा कि यह संग्रह भारतीय विरासत और आधुनिक विलासिता के बीच एक अनूठा संवाद स्थापित करता है। पारंपरिक कोल्हापुरी तकनीकों को प्राडा के समकालीन डिजाइन और प्रीमियम सामग्रियों के साथ मिलाकर यह संग्रह तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य पारंपरिक शिल्प कौशल को संरक्षित करना और भारतीय कला को वैश्विक फैशन मंच पर प्रदर्शित करना है।

भारतीय कारीगरों के लिए अवसर

कोल्हापुर के युवा चप्पल निर्माता सूरज सतपुते ने कहा की इस सहयोग से हमें बहुत उम्मीदें हैं क्योंकि इससे हमारी पारंपरिक चप्पल बनाने की कला संरक्षित रहेगी। कारीगर वैश्विक मंच पर अपनी प्रतिभा दिखा सकेंगे। प्राडा हमें उच्च गुणवत्ता वाला मुलायम चमड़ा उपलब्ध कराएगी ताकि हम ग्राहकों की जरूरतों के अनुसार चप्पल बना सकें। प्राडा ने यह भी बताया कि वह स्थानीय उद्योग निकायों के सहयोग से कारीगरों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम लागू करेगी।

यें भी पढ़ें : आंखों के सामने अचानक अंधेरा छाना, कहीं यें गंभीर बीमारी का संकेत तो नहीं?

भारत में उपलब्धता और कीमत

भारत में प्राडा का कोई आधिकारिक रिटेल स्टोर नहीं है (दिल्ली के एक ब्यूटी स्टोर को छोड़कर)। इसलिए यदि कोई ग्राहक भारत में निर्मित इन चप्पलों का एक जोड़ा खरीदना चाहता है, तो उसे विदेश जाना होगा। सैंडल की कीमत लगभग 800 यूरो (930 डॉलर/84,000 रुपये) रखी गई है। वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि दीर्घकाल में इस सहयोग और निर्यात से कोल्हापुरी चप्पलों के वैश्विक बाजार में 1 अरब डॉलर तक की क्षमता हो सकती है।

यें भी पढ़ें : घर में लगाएं ये 7 इंडोर प्लांट्स: न मिट्टी न धूप न मेहनत, हमेशा रहेंगे ताज़ा

प्राडा और भारतीय कारीगरों का यह सहयोग पारंपरिक शिल्प और आधुनिक फैशन का अनूठा मेल है। सीमित संस्करण चप्पलें न केवल घर-घर में हरियाली की तरह फैशनेबल होंगी, बल्कि भारतीय कारीगरों को वैश्विक मंच पर पहचान दिलाने में भी मदद करेंगी।
 

Related News