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सरपंच की बेटी बनी IAS, परी बिश्नोई ने UPSC में टॉप कर किया पिता का सीना गर्व से चौड़ा

  • Edited By Charanjeet Kaur,
  • Updated: 21 Sep, 2023 02:26 PM
सरपंच की बेटी बनी IAS, परी बिश्नोई ने UPSC में टॉप कर किया पिता का सीना गर्व से चौड़ा

यूपीएससी का एग्जाम बहुत ही टफ होता है। इसे पास करना कोई आम बात नहीं है, क्योंकि इसके लिए दिन रात मेहनत करनी पड़ती है प्री एग्जाम, मेन्स और फिर इंटरव्यू क्लीयर करने के बाद जाकर कहीं इस परीक्षा में सफलता मिलती है। आज हम आपको एक ऐसी ही आईएएस अफसर के बारे में बता रहे हैं, जिन्होंने कड़ी मेहनत के बाद इसमें सफलता पाई।  अजमेर की रहने वाली परी बिश्नोई के पिता मनीराम बिश्नोई एक एडवोकेट हैं और उनकी माता सुशील बिश्नोई अजमेर में जीआरपी थानाधिकारी हैं। परी के पिता अपने गांव के 4 बार सरपंच रहे थे। 

बचपन से ही आईएएस  बनना चाहती थीं परी

परी ने बचपन से ही आईएएस बनने का सपना देखा था। उन्होंने सेंट मैरी कॉन्वेंट स्कूल से पढ़ाई की, इसके बाद वो आगे की पढ़ाई के लिए दिल्ली चली गईं। यहां पर बैचलर्स की डिग्री हासिल करने के बाद परी ने अजमेर के एमडीएस विश्वविद्यालय से पॉलिटिकल साइंस में पोस्ट ग्रेजुएशन किया। 

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तीसरे attempt में क्लियर किया एग्जाम

परी बिश्नोई लंबे समय से सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रही थीं। इस बीच उन्होंने नेट जेआरएफ भी क्लियर कर लिया था। हालांकि वह पूरी तन्मयता के साथ यूपीएससी एग्जाम की पढ़ाई में लगी हुई थीं और इसी क्षेत्र में अपना भविष्य बनाना चाहती थीं। आखिरकार साल 2019 में परी ने तीसरे attempt के बाद परीक्षा को न केवल पास किया बल्कि 30 वीं रैंक के साथ टॉप किया। 

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मां को देती हैं कामयाबी का श्रेय
परी अपनी इस कामयाबी का श्रेय अपने परिवार वालों, खासकर के अपनी मां तो देती है। उनकी मां जीआरपी में  थानेदार हैं, जिससे प्रभावित होकर ही परी ने आईएएस बनने का सपना देखा। सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी के दौरान भी जब वो असफल होती या निराश होती तो उनकी माता, उन्होंने प्रोत्साहित किया करती थीं। परी का मानना है कि जीवन में मिलने वाली किसी भी कठिनाई या असफलता से निराश नहीं होना चाहिए। इसकी जगह पूरी ईमानदारी के साथ प्रयास करते रहना चाहिए।

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सिविल परीक्षा की तैयारी को लेकर परी का कहना है कि उम्मीदवारों को सभी विषय की एनसीईआरटी किताबें पढ़नी चाहिए। इसके साथ ही पिछले साल के पेपर को भी जरूर solve करना चाहिए और नॉक टेस्ट भी देना चाहिए। नियमित पढ़ाई और प्रैक्टिस के अलावा टाइम मैनेजमेंट पर भी ध्यान देना बहुत जरूरी है।

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