
वास्तु शास्त्र के मुताबिक घर की डोर बेल का सही दिशा में लगा होना बहुत जरुरी है। ऐसा न होने से घर में बेल बजाकर प्रवेश करने वाले लोगों का नेगेटिव असर आपके जीवन पर पड़ता है। साथ ही कुंड खटखटाकर या फिर आवाज देकर किसी के घर में जाने से आपके मान-सम्मान की हानि हो सकती है। माना जाता है कि बेल की बजाए आवाज लगाकर किसी के घर जाने से बात-बात पर विवाद होने की आशंका भी बढ़ जाती है।
डोर बेल का रंग
शास्त्रों के अनुसार घर की डोर बेल जमीन से कम से कम पांच फीट की ऊंचाई पर होनी चाहिए। काला रंग छोड़ आप किसी भी अन्य रंग की डोर बेल लगवा सकते हैं। काले रंग की डोर बेल आपके मान-सम्मान की हानि की वजह बन सकती है।

नेम प्लेट के ऊपर डोर बेल
वास्तु शास्त्र के अनुसार डोर बेल हमेशा आपकी नेम प्लेट के नीचे होनी चाहिए। ऐसा करने से परिवार के मुखिया का यश और कीर्ति हमेशा बढ़ती रहती है। घर में खुशियों का भी आगमन होता है साथ ही घर के लोग आपस में मिलजुलकर रहते हैं।
दरवाजे से 5 इंच दूर
अगर नेमप्लेट और डोर बेल में दोष है तो बिना बात के घर में कड़वाहट हो सकती है। इस कड़वाहट से बचने के लिए डोर बेल को दरवाजे से कम से कम 5 इंच दूर लगवाएं। ऐसी स्थिति में घर में जो भी गेस्ट आएंगे उनके नाराज हो कर जाने की आशंका बढ़ जाती है।
खराब आवाज वाली बेल
जितनी हो सके उतनी स्वीट एंड सॉफ्ट साउंड वाली डोर बेल लगवाएं। ऐसा करने से घर में पॉजिटिविटी फ्लो बना रहता है। जोर-शोर वाली डोर बेल घर में सिर-दर्द और चिड़चिड़ेपन वाले माहौल का कारण बनती है।

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