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“मैं फिट हूं, मुझे नहीं आ सकता हार्ट अटैक”  इस तरह ही गलती ही इंसान को बनाती है दिल का मरीज

  • Edited By vasudha,
  • Updated: 11 Feb, 2026 10:33 AM
“मैं फिट हूं, मुझे नहीं आ सकता हार्ट अटैक”  इस तरह ही गलती ही इंसान को बनाती है दिल का मरीज

नारी डेस्क: आजकल हम अक्सर सुनते हैं“वह तो बहुत फिट थे, फिर भी हार्ट अटैक कैसे?” एक हार्ट सर्जन के मुताबिक, सेहत सिर्फ बाहर से दिखने वाली फिटनेस नहीं होती, बल्कि इसके पीछे कई गहरे कारण छिपे होते हैं। सेहत सिर्फ दिखने में फिट होने का नाम नहीं है। दिल की बीमारी अक्सर खामोशी से बढ़ती है। समय रहते जांच और सही समझ ही हार्ट अटैक से बचाव का सबसे बड़ा तरीका है। चलिए समझते हैं पूरी बात

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हेल्दी लाइफस्टाइल के बावजूद हार्ट अटैक आने के कारण

 अंदरूनी फैट और छुपा कोलेस्ट्रॉल: व्यक्ति बाहर से दुबला-पतला या एक्टिव दिख सकता है, लेकिन दिल की धमनियों में कोलेस्ट्रॉल चुपचाप जमा हो सकता है। इसे साइलेंट ब्लॉकेज कहा जाता है, जो बिना लक्षण के बढ़ता रहता है।

जेनेटिक फैक्टर (पारिवारिक इतिहास): अगर परिवार में कम उम्र में हार्ट डिज़ीज़ रही है, तो नियमित एक्सरसाइज़ और सही खान-पान के बावजूद जोखिम बना रहता है।

स्ट्रेस और नींद की कमी: हार्ट सर्जन बताते हैं कि आज के समय में मेंटल स्ट्रेस, एंग्ज़ायटी और कम नींद दिल के लिए सबसे बड़ा छुपा हुआ खतरा हैं। रोज़ वर्कआउट करने वाला व्यक्ति भी अगर लगातार तनाव में है, तो दिल पर असर पड़ता है।

शुगर, बीपी और इंफ्लेमेशन: कई लोगों को हल्की डायबिटीज़, बॉर्डरलाइन बीपी या शरीर में सूजन (इंफ्लेमेशन) होती है, जिसे वे गंभीर नहीं समझते। यही धीरे-धीरे हार्ट अटैक की वजह बन सकती है।

“मैं फिट हूं” का झूठा भरोसा: हार्ट सर्जन चेतावनी देते हैं कि सिर्फ वजन, जिम या योग से यह तय नहीं होता कि दिल स्वस्थ है। नियमित हेल्थ चेकअप बहुत ज़रूरी है जैसे लिपिड प्रोफाइल, HbA1c, ECG, और ज़रूरत हो तो TMT या CT एंजियोग्राफी।


डॉक्टरों की अहम सलाह

साल में एक बार पूरा हार्ट चेकअप कराएं। स्ट्रेस मैनेजमेंट और 7–8 घंटे की नींद को प्राथमिकता दें। सिर्फ “फील गुड” फिटनेस नहीं, बल्कि अंदरूनी सेहत पर ध्यान दें। सीने में दर्द, घबराहट, सांस फूलना, या असामान्य थकान को नज़रअंदाज़ न करें। हार्ट अटैक को अक्सर सिर्फ “तेज़ सीने में दर्द” से जोड़ा जाता है, लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार लगभग 40% मरीजों में इसके लक्षण अलग और असामान्य हो सकते हैं।यही वजह है कि कई बार लोग समय पर पहचान नहीं पाते।

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 हार्ट अटैक के अलग तरह के लक्षण

 सीने में दर्द नहीं, सिर्फ बेचैनी: कुछ लोगों को तेज दर्द की जगह दबाव, भारीपन या जलन जैसा अहसास होता है।

जबड़े, पीठ या कंधे में दर्द: दर्द सीधे दिल में न होकर जबड़े, गर्दन, पीठ, या बाएं हाथ में महसूस हो सकता है।

सांस फूलना: बिना किसी भारी काम के अचानक सांस लेने में दिक्कत होना भी चेतावनी हो सकती है।

अत्यधिक पसीना और मतली: ठंडा पसीना आना, उल्टी जैसा महसूस होना या पेट में गड़बड़ी—इसे कई लोग गैस समझकर नजरअंदाज कर देते हैं।

असामान्य थकान: खासकर महिलाओं मेंअचानक और बहुत ज्यादा थकान हार्ट अटैक का संकेत हो सकती है।


इन बातों का रखें ख्याल 

अगर 10–15 मिनट से ज्यादा असामान्य लक्षण बने रहें, तुरंत मेडिकल मदद लें। खुद गाड़ी चलाकर अस्पताल न जाएं। नियमित हेल्थ चेकअप कराते रहें। याद रखें हर हार्ट अटैक फिल्मी अंदाज़ में नहीं आता। अगर शरीर अचानक कुछ अलग संकेत दे रहा है, तो उसे हल्के में न लें। समय पर इलाज ही जान बचा सकता है।
 

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