
नारी डेस्क: बारामती में हुआ हादसा इतना भयंकर था कि इसमें मारे गए पांच लोगों की पहचान उनके शवों से पहीं बल्कि उनके निजी सामान से की गई। इस हादसे में मारे गए उप मुख्यमंत्री अजीत पवार की कलाई में बंधी घड़ी ने ही उनकी पहचान कन्फर्म करने में मदद की। इस घटना का शिकार हुए पाचों लोगों का चेहरा पहचानने लायक नहीं था।

एक स्थानीय निवासी ने कहा- "हमने पवार के हाथ में उनकी कलाई घड़ी देखी। इससे और उनके कपड़ों से उनकी पहचान हुई"। घड़ी, जो उनकी अगुवाई वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) का चुनाव चिन्ह था, आखिरकार उनकी पहचान स्थापित करने में निर्णायक साबित हुई। अजित पवार को करीबी बताते हैं कि घड़ी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी का चुनाव चिन्ह है लेकिन दादा का घड़ी से अटूट रिश्ता था। ऐसा कभी नहीं हुआ कि जब उनकी कलाई पर घड़ी न रही हो।

पवार और चार अन्य लोगों को ले जा रहा विमान खराब विजिबिलिटी के कारण बारामती एयरस्ट्रिप पर उतरने की कोशिश करते समय क्रैश हो गया। टकराने के बाद उसमें आग लग गई और वह पूरी तरह जल गया, जिससे शवों की पहचान करना नामुमकिन हो गया। क्रैश देखने वाले स्थानीय लोग सबसे पहले घटनास्थल पर पहुंचे, जहां उन्हें विमान के टुकड़े और शव मिले। NCP नेता और MLC अमोल मिटकरी ने कहा कि इससे पता चलता है कि हादसा कितना खतरनाक था। उन्होंने कहा- "अजित दादा की वजह से मेरे जैसा एक आम कार्यकर्ता MLC बन पाया। यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि उनकी पहचान उनकी घड़ी से करनी पड़ी, जो हमारी पार्टी का सिंबल भी है,"।

पवार जिला परिषद और पंचायत समिति चुनावों के लिए प्रचार करने बारामती जा रहे थे। पार्टी अधिकारियों के अनुसार, उनके शेड्यूल में सुबह 10 बजे निरवागज गांव में एक जनसभा, उसके बाद दोपहर में पंढारे में, दोपहर 3 बजे करंजेपूल में और शाम 5.30 बजे सुपा में रैलियां शामिल थीं। पर ये तो किसी को मालूम ही नहीं था कि रैली की बजाय वह अपने अंतिम सफर पर ही निकल जाएंगे।