13 FEBFRIDAY2026 11:11:44 AM
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शर्म के कारण फार्ट रोकना पड़ सकता है भारी, जान लें इसके साइड इफेक्ट्स

  • Edited By Priya Yadav,
  • Updated: 13 Feb, 2026 09:12 AM
शर्म के कारण फार्ट रोकना पड़ सकता है भारी, जान लें इसके साइड इफेक्ट्स

नारी डेस्क:  हमारा शरीर हर दिन कई प्राकृतिक प्रक्रियाओं से गुजरता है। उन्हीं में से एक है गैस बनना और उसका बाहर निकलना। जब हम खाना खाते हैं तो वह पेट और आंतों में जाकर पचता है। इस दौरान आंतों में मौजूद अच्छे बैक्टीरिया भोजन को तोड़ते हैं और इसी प्रक्रिया में गैस बनती है। यह गैस गुदा के रास्ते बाहर निकलती है, जिसे हम आम भाषा में पाद या फार्ट कहते हैं। यह पूरी तरह से सामान्य और जरूरी प्रक्रिया है। लेकिन कई बार लोग पब्लिक प्लेस, ऑफिस या किसी मीटिंग में होने की वजह से गैस को रोक लेते हैं। एक-दो बार ऐसा करना बड़ी बात नहीं है, लेकिन अगर यह आदत बन जाए तो इससे शरीर पर बुरा असर पड़ सकता है। आइए इसे विस्तार से समझते हैं।

 पेट में दर्द और मरोड़ की समस्या

जब आप गैस को रोकते हैं तो वह बाहर निकलने के बजाय आंतों में ही जमा होने लगती है। इससे पेट के अंदर दबाव बढ़ जाता है। यह दबाव धीरे-धीरे दर्द या मरोड़ का कारण बन सकता है। कई बार ऐसा महसूस होता है कि पेट में कुछ फंसा हुआ है या अंदर से खिंचाव हो रहा है। लंबे समय तक गैस रोके रखने से यह असहजता और भी बढ़ सकती है।

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पेट फूलना और भारीपन महसूस होना

गैस बाहर नहीं निकलती तो पेट फूलने लगता है। पेट सख्त और तना हुआ महसूस हो सकता है। कई लोगों को ऐसा लगता है जैसे उन्होंने बहुत ज्यादा खाना खा लिया हो, जबकि असल में समस्या गैस की होती है। इस कारण कपड़े भी टाइट लगने लगते हैं और बैठने या झुकने में परेशानी हो सकती है।

एसिडिटी और सीने में जलन बढ़ना

जब गैस अंदर जमा होती रहती है तो पाचन तंत्र ठीक से काम नहीं कर पाता। इससे एसिडिटी की समस्या बढ़ सकती है। सीने में जलन, खट्टी डकारें और गले में जलन जैसा महसूस होना आम लक्षण हैं। गैस का दबाव पेट के एसिड को ऊपर की तरफ धकेल सकता है, जिससे असहजता और बढ़ जाती है।

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सिरदर्द और बेचैनी होना

कुछ लोगों को ज्यादा गैस बनने और उसे रोकने की वजह से सिरदर्द भी हो सकता है। शरीर में जब दबाव बढ़ता है तो उसका असर मानसिक स्थिति पर भी पड़ता है। चिड़चिड़ापन, बेचैनी और ध्यान लगाने में दिक्कत महसूस हो सकती है। हालांकि यह हर व्यक्ति में नहीं होता, लेकिन संवेदनशील लोगों में यह समस्या देखी जा सकती है।

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बदहजमी और अपच की दिक्कत

बार-बार गैस रोकने से पाचन प्रक्रिया प्रभावित होती है। खाना ठीक से पच नहीं पाता और बदहजमी की समस्या हो सकती है। डकार आना, उल्टी जैसा महसूस होना, पेट में जलन या भारीपन  ये सब संकेत हो सकते हैं कि आपका पाचन तंत्र ठीक से काम नहीं कर रहा। धीरे-धीरे यह आदत अपच को बढ़ा सकती है।

आंतों पर अनावश्यक दबाव

लगातार गैस रोकने से आंतों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। हालांकि इससे तुरंत कोई गंभीर बीमारी नहीं होती, लेकिन लंबे समय तक ऐसा करने से पाचन संबंधी असहजता बढ़ सकती है। कुछ मामलों में गैस शरीर में दोबारा अवशोषित होकर सांस के जरिए बाहर निकल सकती है, लेकिन इससे समस्या पूरी तरह खत्म नहीं होती। इसलिए शरीर के प्राकृतिक संकेतों को बार-बार नजरअंदाज करना ठीक नहीं है।

क्या करना चाहिए?

गैस आना एक सामान्य शारीरिक प्रक्रिया है, इसलिए इसे लेकर जरूरत से ज्यादा शर्मिंदा होने की जरूरत नहीं है। अगर गैस बहुत ज्यादा बन रही है तो अपने खान-पान पर ध्यान दें। ज्यादा तला-भुना, मसालेदार और गैस बनाने वाले खाद्य पदार्थ कम करें। खाना धीरे-धीरे और अच्छी तरह चबा कर खाएं। नियमित व्यायाम और हल्की वॉक पाचन तंत्र को मजबूत बनाती है। अगर पेट दर्द, लगातार एसिडिटी या ज्यादा गैस की समस्या बनी रहती है तो डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर होता है।

फार्ट या पाद आना शरीर की एक सामान्य और जरूरी प्रक्रिया है। इसे जबरदस्ती रोकना कभी-कभार ठीक हो सकता है, लेकिन बार-बार ऐसा करना पेट और पाचन तंत्र के लिए नुकसानदायक हो सकता है। इसलिए अपने शरीर के प्राकृतिक संकेतों को समझें और सेहत का ध्यान रखें।  

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