नारी डेस्क : खान-पान की गलत आदतें और सही तरीके से ब्रश न करना दांतों की सेहत को धीरे-धीरे नुकसान पहुंचाता है। इसकी वजह से दांतों में कैविटी, सड़न और दर्द की समस्या शुरू हो जाती है, जिससे छुटकारा पाना आसान नहीं होता। हालांकि, कुछ घरेलू उपाय शुरुआती स्टेज में राहत देने में मदद कर सकते हैं। लेकिन अगर परेशानी ज्यादा हो, तो डेंटिस्ट से इलाज कराना बेहद जरूरी है।
बदलती लाइफस्टाइल बन रही है दांतों की दुश्मन
आज की मॉडर्न लाइफस्टाइल में जंक फूड, मीठी चीजें, चाय-कॉफी का ज्यादा सेवन और फल-सब्जियों की कमी आम हो गई है। इसका सीधा असर दांतों पर पड़ता है। दांतों में कैविटी बनना अब एक आम समस्या बन चुकी है। शुरुआत में लोग इसे नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन समय के साथ सड़न बढ़ती जाती है और दांत कमजोर होकर गिरने तक की नौबत आ सकती है। कई रिसर्च में सामने आया है कि घर में मौजूद कुछ चीजें दांतों की सड़न और कैविटी से राहत दिलाने में मदद कर सकती हैं। आइए जानते हैं ऐसे ही 5 असरदार घरेलू नुस्खे।

कैविटी से राहत पाने के 5 घरेलू उपाय
नमक वाले गुनगुने पानी से कुल्ला
हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार नमक में प्राकृतिक एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं। दिन में 2–3 बार गुनगुने पानी में आधा चम्मच नमक मिलाकर कुल्ला करने से मुंह के हानिकारक बैक्टीरिया कम होते हैं। इससे सूजन और दर्द में राहत मिलती है और कैविटी बढ़ने से रुक सकती है।
लौंग का इस्तेमाल
लौंग में मौजूद यूजेनॉल तत्व नेचुरल पेनकिलर और एंटीसेप्टिक की तरह काम करता है। दांत दर्द या कैविटी वाली जगह पर एक लौंग दबाकर रखने या लौंग के तेल की एक बूंद रुई में लगाकर लगाने से दर्द में राहत मिल सकती है, खासकर रात के समय।

ऑयल पुलिंग
सेहत से जुड़ी प्रमाणिक वेबसाइट Healthline के अनुसार ऑयल पुलिंग दांतों की सड़न और कैविटी से बचाव में मदद करती है। सुबह खाली पेट एक चम्मच नारियल तेल या तिल का तेल मुंह में लेकर 10–15 मिनट तक धीरे-धीरे घुमाएं और फिर थूक दें। इससे मुंह की गंदगी, प्लाक और बैक्टीरिया कम होते हैं।
हल्दी और सरसों का तेल
हल्दी अपने एंटीबैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों के लिए जानी जाती है। एक चुटकी हल्दी में कुछ बूंदें सरसों के तेल की मिलाकर दांतों और मसूड़ों पर हल्के हाथ से लगाने से संक्रमण कम होता है और मसूड़े मजबूत बनते हैं।
लहसुन का प्रयोग
लहसुन में मौजूद एलिसिन बैक्टीरिया से लड़ने में मदद करता है। लहसुन की एक कली पीसकर उसमें थोड़ा सा नमक मिलाएं और प्रभावित दांत पर लगाएं। शुरुआत में हल्की जलन हो सकती है, लेकिन इससे दर्द और संक्रमण में कमी आ सकती है।

इन बातों का रखें खास ध्यान
ये घरेलू नुस्खे शुरुआती राहत के लिए हैं, इलाज का विकल्प नहीं
अगर दर्द ज्यादा हो, सूजन बढ़ रही हो या कैविटी गहरी हो, तो तुरंत डेंटिस्ट से संपर्क करें
दांतों की नियमित सफाई, सही ब्रशिंग और संतुलित आहार बेहद जरूरी है।
दांतों की सड़न को हल्के में लेना भारी पड़ सकता है। समय रहते सही देखभाल, बेहतर खान-पान और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह लेने से दांतों को लंबे समय तक स्वस्थ रखा जा सकता है।