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कैंसर सर्जरी के 6 महीने बाद दीपिका कक्कड़ का पहला PET स्कैन, दर्द के बावजूद पूरा करवाया टेस्ट

  • Edited By Priya Yadav,
  • Updated: 04 Jan, 2026 02:51 PM
कैंसर सर्जरी के 6 महीने बाद दीपिका कक्कड़ का पहला PET स्कैन, दर्द के बावजूद पूरा करवाया टेस्ट

नारी डेस्क:  टीवी की जानी-मानी एक्ट्रेस दीपिका कक्कड़ इब्राहिम को स्टेज 2 लिवर कैंसर था। इलाज के तहत उनके ट्यूमर से प्रभावित लिवर का हिस्सा सर्जरी के जरिए निकाल दिया गया था। अब सर्जरी के 6 महीने बाद उनका पहला PET स्कैन हुआ, जो उनके पति शोएब इब्राहिम के यूट्यूब व्लॉग के जरिए सामने आया। व्लॉग में शोएब ने बताया कि इस स्कैन के लिए दीपिका को अपने बेटे से 8 घंटे तक दूर रहना पड़ा और 4 घंटे की फास्टिंग भी करनी पड़ी। स्कैन के दौरान हाथ में आईवी लगाने और डाई डालने की प्रक्रिया के कारण दीपिका को काफी दर्द हुआ। इसी दर्द की वजह से एक्ट्रेस रो पड़ीं, लेकिन उन्होंने टेस्ट पूरी संयम और धैर्य के साथ किया।

PET स्कैन क्या है?

PET स्कैन का पूरा नाम Positron Emission Tomography है। यह एक इमेजिंग टेस्ट है जो शरीर के अंग और टिश्यू की तस्वीरें बनाता है। इससे यह पता चलता है कि शरीर के कौन से सेल्स हेल्दी हैं और कौन से बीमार या प्रभावित हैं।

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डाई क्यों डाली जाती है?

PET स्कैन से पहले मरीज के हाथ में आईवी के जरिए डाई डाली जाती है। यह डाई एक रेडियोएक्टिव केमिकल (Radiotracer) होती है। डाई शरीर के अंदर जाकर प्रभावित सेल्स में जम जाती है। प्रभावित सेल्स अधिक डाई सोखते हैं और स्कैन में अलग दिखते हैं। यही तरीका डॉक्टरों को कैंसर या बीमार सेल्स का सही पता लगाने में मदद करता है।

कैंसर के इलाज के बाद PET स्कैन की जरूरत

सर्जरी या इलाज के बाद PET स्कैन इसलिए करवाना जरूरी होता है ताकि पता लगाया जा सके कि कैंसर से प्रभावित अंग ठीक तरह से काम कर रहा है या नहीं। कहीं कैंसर दोबारा तो नहीं आया। इलाज कितना असरदार रहा।

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PET स्कैन का फायदा

PET स्कैन सिर्फ कैंसर का पता लगाने में मदद नहीं करता। इसका उपयोग दिल की बीमारियों, ब्रेन ट्यूमर, एपिलेप्सी, डिमेंशिया, अल्जाइमर और अन्य गंभीर रोगों की जांच में भी किया जाता है।

PET, CT और MRI में फर्क

CT स्कैन: एक्स-रे की मदद से अंगों की इमेज बनाता है।

MRI: मैग्नेट और रेडियो वेव्स का इस्तेमाल कर अंगों की तस्वीर दिखाता है।

PET: रेडियोएक्टिव ट्रेसर की मदद से अंग का रियल टाइम फंक्शन और स्थिति बताता है। कभी-कभी डॉक्टर सटीक जानकारी के लिए CT और PET दोनों एक साथ करवाते हैं।

PET स्कैन भले ही थोड़ा दर्दनाक हो, लेकिन यह कैंसर या अन्य गंभीर बीमारियों का सटीक और जल्दी पता लगाने का सबसे भरोसेमंद तरीका है।
 

 

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