नारी डेस्क : गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को अपने शरीर की सेहत का विशेष ध्यान रखना बहुत जरूरी है। इस दौरान अगर शरीर में किसी पोषक तत्व की कमी हो जाए, तो गर्भ में पल रहे शिशु की मेंटल और फिजिकल ग्रोथ पर असर पड़ सकता है। विशेषकर ब्लड (खून) की कमी, जिसे एनीमिया भी कहा जाता है, प्रेग्नेंसी के लिए खतरनाक हो सकती है। एनीमिया होने पर प्रीटर्म डिलीवरी का खतरा बढ़ सकता है।

बच्चे का वजन कम जन्म लेने का रिस्क होता है।
मिसकैरेज का खतरा रहता है।
महिला पोस्टपार्टम डिप्रेशन का शिकार हो सकती है।
इसलिए गर्भावस्था में ब्लड लेवल बनाए रखना बेहद जरूरी है। डाइट में कुछ खास चीजें शामिल करने से यह संभव है। डाइटिशियन और न्यूट्रिशनिस्ट दिव्या गांधी के अनुसार, प्रेग्नेंसी के दौरान ये तीन पोषक तत्व ब्लड बढ़ाने में सबसे मददगार हैं।
आयरन रिच फूड (Iron-Rich Foods)
ब्लड बढ़ाने और एनीमिया से बचने के लिए आयरन का सेवन जरूरी है। आयरन की मदद से शरीर पूरे शरीर में ऑक्सीजन पहुंचाता है, जो गर्भ में शिशु के विकास के लिए महत्वपूर्ण है।
आयरन युक्त भोजन
अंडा, मछली, चिकन
दालें और बीन्स
साबुत अनाज (ग्रेन) और हरी सब्जियां

ध्यान दें: मीट से मिलने वाला आयरन शरीर जल्दी एब्जॉर्ब कर लेता है, जबकि सब्जियों से मिलने वाला आयरन धीरे से एब्जॉर्ब होता है। अगर प्रेग्नेंसी में एनीमिया हो, तो एक्सपर्ट की सलाह पर मीट प्रोडक्ट का सेवन करना चाहिए।
फॉलिक एसिड (Folic Acid)
फोलेट या फॉलिक एसिड विटामिन B का एक प्रकार है, जो ब्लड सेल्स और डीएनए निर्माण में मदद करता है। यह गर्भ में बच्चे के मस्तिष्क और शारीरिक विकास के लिए बेहद जरूरी है।
फॉलिक एसिड वाले फूड्स
हरी पत्तेदार सब्जियां
सिट्रस फल (संतरा, नींबू)
बीन्स, मटर
अंडा और सी-फूड
फॉलिक एसिड से नई ब्लड सेल्स बनती हैं और बच्चे की सही ग्रोथ सुनिश्चित होती है।

विटामिन C (Vitamin C)
आयरन का शरीर में सही से एब्जॉर्ब होना विटामिन C पर निर्भर करता है। विटामिन C हीमोग्लोबिन के स्तर को बढ़ाता है और ब्लड फ्लो को सुधारता है।
विटामिन C युक्त फूड्स
नींबू, संतरा
अन्य सिट्रस फल
प्रेग्नेंसी में सही ब्लड फ्लो से प्लेसेंटा के जरिए बच्चे को सभी जरूरी पोषक तत्व समय पर मिलते हैं।
प्रेग्नेंसी में आयरन, फॉलिक एसिड और विटामिन C युक्त डाइट शामिल करने से न केवल ब्लड लेवल बढ़ता है, बल्कि गर्भ में बच्चे का विकास भी बेहतर होता है। इसलिए अपनी डाइट में इन चीजों को जरूर शामिल करें और स्वस्थ गर्भावस्था सुनिश्चित करें।