
नारी डेस्क : सर्दियों के जाते ही बहुत से लोगों को आंखों में सूखापन, जलन और खुजली की शिकायत होने लगती है। यह समस्या सिर्फ कुछ दिनों की नहीं, बल्कि कई बार लंबे समय तक बनी रहती है। मेडिकल भाषा में इसे ड्राई आई डिजीज (Dry Eye Disease – DED) कहा जाता है। बदलता मौसम, लाइफस्टाइल और स्क्रीन का बढ़ता इस्तेमाल इस परेशानी को और बढ़ा देता है।
सर्दियों के बाद क्यों बढ़ जाती है ड्राई आई की समस्या?
सर्दियों में ठंडी और शुष्क हवाएं, घर के अंदर हीटर का इस्तेमाल और कम नमी वाला वातावरण आंखों की नमी को धीरे-धीरे खत्म कर देता है। यही वजह है कि सर्दियां खत्म होने के बाद भी आंखों में सूखेपन की दिक्कत बनी रहती है। डॉक्टर्स के अनुसार, ड्राई आइज की सबसे बड़ी वजह मेइबोमियन ग्रंथि (Meibomian Gland) का सही से काम न करना है। यह ग्रंथि आंसुओं की ऑयली लेयर बनाती है, जिससे आंखों की नमी बनी रहती है। जब यह ग्रंथि डैमेज होती है, तो आंसू जल्दी सूखने लगते हैं और आंखें ड्राई महसूस होती हैं।

ड्राई आइज के प्रमुख कारण
सर्दियों में हीटर और एसी का ज्यादा इस्तेमाल
कम नमी (Low Humidity) वाला वातावरण
मोबाइल, लैपटॉप और टीवी स्क्रीन पर लंबे समय तक नजरें टिकाए रखना।
पलकें कम झपकाना
शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन)
40 साल की उम्र के बाद हार्मोनल बदलाव
बढ़ती उम्र के साथ आंसुओं का कम बनना
ठंड के मौसम में लोग अक्सर पानी कम पीते हैं, जिससे शरीर में डिहाइड्रेशन हो जाता है और इसका असर सीधे आंखों पर पड़ता है।

डॉक्टर को कब दिखाना चाहिए?
अगर आंखों के सूखेपन के साथ ये लक्षण नजर आने लगें, तो लापरवाही न करें।
आंखों में करकरी या जलन महसूस होना
आंखों का लाल हो जाना
धुंधला दिखना, जो पलक झपकाने पर ठीक हो जाए
आंखों से जरूरत से ज्यादा पानी आना
ये लक्षण किसी गंभीर आंखों की समस्या का संकेत हो सकते हैं।
आंखें सूखने लगें तो क्या करें?
ड्राई आइज की समस्या से राहत पाने के लिए इन उपायों को अपनाएं।
घर में ह्यूमिडिफायर का इस्तेमाल करें
दिनभर में 2–3 लीटर पानी जरूर पिएं
आंखों पर गर्म कपड़े से सिकाई करें
Preservative-free Artificial Tears का उपयोग करें
ओमेगा-3 फैटी एसिड्स (डॉक्टर की सलाह से) लें
हर 20 मिनट में 20 सेकंड के लिए 20 फीट दूर देखें (20-20-20 रूल)
स्क्रीन टाइम कम करें और पलकें झपकाने की आदत डालें
अगर घरेलू उपायों से राहत न मिले, तो तुरंत आंखों के डॉक्टर से सलाह लें।

ड्राई आइज एक आम लेकिन नजरअंदाज न की जाने वाली समस्या है। समय रहते सही देखभाल और लाइफस्टाइल में छोटे बदलाव करके आंखों को स्वस्थ रखा जा सकता है। बदलते मौसम में आंखों की नमी बनाए रखना बेहद जरूरी है।