नारी डेस्क : दोपहर होते-होते अचानक थकान, सुस्ती और नींद आना आजकल एक आम समस्या बनती जा रही है। हैरानी की बात यह है कि कई लोग पूरी नींद लेने, नियमित एक्सरसाइज करने और हेल्दी डाइट फॉलो करने के बावजूद दोपहर के बाद खुद को पूरी तरह एनर्जी-लेस महसूस करते हैं। अक्सर लोग इसे काम का दबाव, उम्र या मानसिक थकान समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जबकि इसके पीछे शरीर में एक जरूरी पोषक तत्व की कमी जिम्मेदार हो सकती है।
विटामिन D सिर्फ हड्डियों के लिए नहीं
डॉक्टर ने बताया है कि विटामिन D केवल हड्डियों की मजबूती के लिए ही नहीं, बल्कि शरीर के एनर्जी लेवल को बनाए रखने में भी अहम भूमिका निभाता है। इसकी कमी होने पर शरीर की कोशिकाएं सही तरीके से काम नहीं कर पातीं, जिससे दिन के बीच में अचानक थकान और कमजोरी महसूस होने लगती है। शरीर में विटामिन D का सामान्य स्तर 20 से 50 ng/mL के बीच होना चाहिए, लेकिन बड़ी आबादी इससे काफी नीचे पाई जाती है।

भारत में विटामिन D की कमी क्यों आम है?
धूप से भरपूर देश होने के बावजूद भारत में विटामिन D की कमी एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या बन चुकी है। कई अध्ययनों के अनुसार, शहरी भारत में 70 प्रतिशत से अधिक लोग इस कमी से जूझ रहे हैं। इसके प्रमुख कारण हैं। ज्यादातर समय घर या ऑफिस के अंदर रहना। वायु प्रदूषण के कारण सूर्य की यूवी किरणों का कमजोर होना और धूप से बचने की आदत। विटामिन D माइटोकॉन्ड्रिया के सही कामकाज के लिए जरूरी होता है, जिन्हें शरीर की एनर्जी फैक्ट्री कहा जाता है। जब यह प्रक्रिया प्रभावित होती है, तो शरीर में एनर्जी का उत्पादन भी घटने लगता है।
दोपहर की थकान कैसे बढ़ती है?
विटामिन D की कमी से शरीर पर्याप्त मात्रा में ATP (एनर्जी करंसी) नहीं बना पाता। इसका सीधा असर मांसपेशियों और दिमाग पर पड़ता है। इसके अलावा, यह सेरोटोनिन नामक न्यूरोट्रांसमीटर के निर्माण में भी मदद करता है, जो मूड और एनर्जी को नियंत्रित करता है। दोपहर के समय शरीर में कोर्टिसोल हार्मोन का स्तर स्वाभाविक रूप से गिरता है। यदि विटामिन D की कमी हो, तो शरीर इस बदलाव को संतुलित नहीं कर पाता और सुस्ती हावी हो जाती है। साथ ही, शरीर में सूजन बढ़ने से नींद-सी महसूस होने लगती है।

सर्कैडियन रिदम (Circadian rhythm) भी निभाता है भूमिका
शरीर की प्राकृतिक घड़ी यानी सर्कैडियन रिदम के अनुसार दोपहर 2 से 4 बजे के बीच हल्की थकान सामान्य मानी जाती है। लेकिन विटामिन D की कमी इस सामान्य थकान को ज्यादा गहरा और लंबे समय तक रहने वाला बना देती है। यह नींद-जागने के चक्र और मेलाटोनिन हार्मोन के संतुलन में भी अहम भूमिका निभाता है।
इस कारण भी बढ़ा सकते हैं सुस्ती
विशेषज्ञों के मुताबिक, सिर्फ विटामिन D ही नहीं, बल्कि कुछ अन्य कारण भी दोपहर की थकान को बढ़ा सकते हैं।
भारी और ज्यादा कार्बोहाइड्रेट वाला लंच
शरीर में पानी की कमी
प्रोटीन का कम सेवन
लंबे समय तक बैठे रहना।

विटामिन D की कमी पूरी करने के लिए क्या करें
डॉक्टरों का कहना है कि इस समस्या से निपटने के लिए सिर्फ ज्यादा सोना काफी नहीं है।
डॉक्टर की सलाह के बाद विटामिन D सप्लीमेंट लें
संतुलित और पौष्टिक आहार अपनाएं
लंच के बाद 10–15 मिनट की हल्की वॉक करें
रोजाना सीमित लेकिन नियमित धूप लें।
अगर भरपूर नींद के बावजूद आपको रोज़ दोपहर में थकान और सुस्ती महसूस होती है, तो इसे नजरअंदाज न करें। समय रहते जांच और सही कदम उठाने से शरीर की खोई हुई एनर्जी दोबारा पाई जा सकती है।