
नारी डेस्क : फरवरी का महीना शुरू हो चुका है, लेकिन उत्तर भारत में सर्दी का असर अभी भी बना हुआ है। पहाड़ी इलाकों में हो रही लगातार बर्फबारी के चलते मैदानी राज्यों में तापमान में एक बार फिर गिरावट दर्ज की गई है। कई इलाकों में सुबह और रात के समय घना कोहरा छाया हुआ है, जिससे ठंड और ज्यादा बढ़ गई है। मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि अगले कुछ दिनों तक उत्तर भारत के कई राज्यों में कड़ाके की ठंड पड़ सकती है। इस बदलते मौसम को लेकर डॉक्टरों ने चेतावनी जारी की है। विशेषज्ञों का कहना है कि अचानक बढ़ती ठंड कुछ खास बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए गंभीर खतरा बन सकती है। ऐसे में थोड़ी सी लापरवाही भी सेहत को बिगाड़ सकती है।
दिल के मरीजों पर सबसे ज्यादा खतरा
डॉक्टरों के मुताबिक, सर्दी का सबसे ज्यादा असर दिल के मरीजों पर पड़ता है।
ठंड में ब्लड वेसल्स सिकुड़ जाती हैं, जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है और हार्ट अटैक का खतरा भी कई गुना बढ़ जाता है।
सुबह-सुबह ठंडी हवा में टहलने से बचें
नियमित दवाइयों में कोई लापरवाही न करें
शरीर को पूरी तरह गर्म रखें
सीने में दर्द, सांस फूलना या अत्यधिक थकान महसूस होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

अस्थमा और सांस की बीमारी वालों को सतर्क रहने की जरूरत
ठंड बढ़ने के साथ अस्थमा और सांस से जुड़ी बीमारियों के मरीजों की परेशानी बढ़ जाती है।
ठंडी हवा के कारण सांस लेने में दिक्कत, खांसी और घरघराहट जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं।
बाहर निकलते समय मास्क पहनें
ठंडी चीजों के सेवन से बचें
डॉक्टर द्वारा दी गई दवाएं और इनहेलर नियमित रूप से लें
रात के समय अतिरिक्त सावधानी बरतें।
डायबिटीज मरीजों का बिगड़ सकता है शुगर लेवल
सर्दी के मौसम में शारीरिक गतिविधियां कम हो जाती हैं, जिसका सीधा असर ब्लड शुगर लेवल पर पड़ता है।
इसके अलावा हाथ-पैरों में सुन्नता और घावों के देर से भरने की समस्या भी बढ़ सकती है।
नियमित रूप से ब्लड शुगर की जांच करें
संतुलित और पौष्टिक आहार लें
रोजाना हल्की-फुल्की एक्सरसाइज जरूर करें।

जोड़ों के दर्द और आर्थराइटिस के मरीजों को परेशानी
ठंड के कारण जोड़ों में जकड़न और दर्द की समस्या आम हो जाती है।
खासकर बुजुर्गों और आर्थराइटिस के मरीजों को अधिक दिक्कत होती है।
गर्म कपड़े पहनें
हल्की स्ट्रेचिंग और योग को दिनचर्या में शामिल करें
लंबे समय तक ठंडी जगह पर बैठने से बचें।
हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों के लिए खतरे की घंटी
डॉक्टरों के अनुसार, सर्दी में शरीर का तापमान बनाए रखने के लिए ब्लड फ्लो में बदलाव होता है।
जिससे बीपी अचानक बढ़ सकता है।
ज्यादा ठंड में बाहर निकलने से बचें
नमक का सेवन सीमित रखें
तनाव से दूरी बनाएं
नियमित रूप से ब्लड प्रेशर चेक करते रहें।

डॉक्टरों का कहना है कि सर्दी के मौसम में सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है। सही दिनचर्या, समय पर दवाइयां और मौसम के अनुसार सावधानी बरतकर इन बीमारियों से होने वाले खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।