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Vastu Tips: घर बनाते समय जरूर रखें इन 5 बातों का ध्यान

  • Edited By Anjali Rajput,
  • Updated: 05 Jun, 2019 01:46 PM
Vastu Tips: घर बनाते समय जरूर रखें इन 5 बातों का ध्यान

वास्तु के अनुसार घर की सुख-शांति के लिए घर के प्रत्येक भाग का सही-दिशा में होना लाजमी है। एक घर में रहने वाला व्यक्ति एक विशिष्ट ऊर्जा क्षेत्र के प्रभाव में आता है। इसलिए सकारात्मकता और अच्छे वाइब्स के लिए वास्तु को समझना बहुत महत्वपूर्ण है। तो चलिए आज हम आपको बताते हैं कि घर के दरवाजे से लेकर बैड-रुम तक आपके घर की कैसी दिशा रहनी चाहिए, जिससे आपके घर की सुख-शांति और समृद्धि बनी रहे। 

वास्तु मुख्य प्रवेश द्बार के लिए

वास्तु के हिसाब से आपका मुख्य द्वार उत्तर, पूर्व या उत्तर-पूर्व दिशा में होना चाहिए। मुख्य द्वार का निर्माण इस तरह से किया जाना चाहिए कि जब आप बाहर कदम रखें, तो आप उत्तर, पूर्व या उत्तर-पूर्व दिशा का सामना करें। आपके घर का मुख्य द्वार बेहतर गुणवत्ता वाली लकड़ी से निर्मित होना चाहिए। यह आपके घर के अन्य दरवाजों के ऊपर स्थित होना चाहिए और सबसे आकर्षक दिखना चाहिए। मुख्य द्वार पर ऐसी कोई गलती न करें जिसरा असर आपके घर की सुख-शांति पर पड़े। जैसे कि.. 

-मुख्य द्वार के बाहर एक फव्वारा, या कोई अन्य सजावटी जल केंद्रित तत्व रखने से बचें।
-मुख्य दरवाजे के बाहर जूता रैक या डस्टबिन रखने से बचें।
-मुख्य द्वार के पास बाथरूम नहीं होना चाहिए
-अपने दरवाजे को सुंदर नेमप्लेट और शुभ टोटकों से सजाएं।
-मुख्य द्वार के पास जानवरों की मूर्तियों या मूर्तियों को रखने से बचें।

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मैडिटेशन रुम के लिए वास्तु

जब भी घर बनाए सबसे पहले एक ऐसे कमरे का निर्माण करना न भूलें जिसमें आप शांति से बैठकर ध्यान एकाग्रित कर सकें। क्योंकि ध्यान और प्रार्थना के लिए घर में एक कमरा डिजाइन करना आध्यात्मिक विकास के लिए बेहद जरुरी है। आपके घर का पूर्व या उत्तर-पूर्व भाग ध्यान, योग और अन्य आध्यात्मिक साधनों के लिए एकदम सही है।ध्यान करते समय पूर्व की ओर मुख करने से सकारात्मकता शक्ति में बढ़ावा मिलेगा। उस कमरे में एक पवित्र वेदी बनाएं और इसे मोमबत्तियों या अगरबत्ती से सजाकर रखें, जिससे माहौल हमेशा पवित्र बना रहेगा।आप चाहें तो कमरे को पेंट करने के लिए सफेद, बेज, हल्का पीला या हरा रंगों में से रंग चुन सकते हैं। 

लिविंग रूम के लिए वास्तु

घर का लिविंग रूम वह जगह है जहां इंसान अपने दिन का सबसे अधिक समय बिताता है। घर पर यदि मेहमान आते हैं तो उनका ध्यान भी सबसे पहले लिविंग रुम की ओर ही केंद्रित होता है। हमेशा ध्यान रखें कि लिविंग रुम अस्थ-व्यस्थ नहीं होना चाहिए। मेहमानों के आने से पहले और जाने के बाद, हमेशा रुम को सहेजकर रखना चाहिए। बैठक का कमरा पूर्व, उत्तर या उत्तर-पूर्व की ओर होना चाहिए। वैकल्पिक रूप से, उत्तर-पश्चिम की ओर रहने वाला कमरा भी अनुकूल होता है।फर्नीचर को लिविंग रूम के पश्चिम या दक्षिण-पश्चिम दिशा में रखना चाहिए। सभी इलेक्ट्रॉनिक्स और उपकरणों को लिविंग रूम के दक्षिण-पूर्व हिस्से में स्थापित किया जाना चाहिए।

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आंगन के लिए वास्तु

आंगन घर का सबसे पवित्र और सबसे शक्तिशाली क्षेत्र माना जाता है। आपके घर का यह हिस्सा बेदाग और अव्यवस्थित होना चाहिए।हो सके तो घर के आंगन के बीच तुलसी के पौधे की स्थापना आवश्य करें। इससे घर की सुख-समृद्धि में चार चांद लग जाएंगे। साथ ही बुरी नजरें और बुरी बलाएं भी आपके घर से कोसों दूर रहेंगी। 

बेडरूम के लिए वास्तु

कभी-कभी, छोटी-छोटी चीजें आपके भाग्य के चक्करों को घुमाने में सक्ष्म होती है। वास्तु के हिसाब से घर में बैडरुम का सही दिशा में होना घर की खुशहाली के लिए बहुत जरुरी है। उसके लिए आपको बैडरुम में बिस्तर को दक्षिण-पश्चिम कोने में रखना चाहिए, सोते वक्त आपका सिर पश्चिम की ओर होना लाजमी है।बिस्तर के सामने दर्पण या टेलीविजन रखने से बचें, ऐसा करने से पारिवारिक मैंबरों में झगड़े होने के चांसिस बढ़ सकते हैं। अपने बेडरूम की दीवारों को मिट्टी के रंग जैसा पेंट करें, यह रंग आपको सकारात्मक ऊर्जा से भरी रखेगा। दीवारों को काला तथा भड़कीला रंग करने से बचें।

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