
नारी डेस्क: एक अध्ययन के अनुसार, किशोर लड़कियां जो मनोरंजक शारीरिक गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेती हैं, उन्हें स्तन कैंसर के जोखिम से काफी सुरक्षा मिल सकती है। अमेरिका में कोलंबिया यूनिवर्सिटी मेलमैन स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ के शोधकर्ताओं ने दिखाया कि जो लड़कियां किशोर उम्र में एक्टिव लाइफस्टाइल अपनाती हैं जैसे खेलना, दौड़ना, साइक्लिंग या नियमित एक्सरसाइजउनमें वयस्क होने पर स्तन कैंसर का खतरा अपेक्षाकृत कम पाया गया।
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कैसे कम होता है स्तन कैंसर का जोखिम
ब्रेस्ट कैंसर रिसर्च जर्नल में प्रकाशित निष्कर्ष, इस बात पर नई रोशनी डालते हैं कि किशोरावस्था के दौरान शारीरिक गतिविधि - स्तन विकास की एक महत्वपूर्ण अवधि - भविष्य में स्तन कैंसर के जोखिम से संबंधित जैविक मार्गों को कैसे प्रभावित कर सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार, किशोरावस्था में फिजिकल एक्टिविटी हार्मोनल बैलेंस बनाए रखने में मदद करती है, एस्ट्रोजन हार्मोन के स्तर को कंट्रोल करती है, शरीर की चर्बी कम रखती है, इम्यून सिस्टम मजबूत करती है। ये सभी फैक्टर स्तन कैंसर के जोखिम को घटाने में सहायक होते हैं।
इस तरह की गतिविधियां हैं फायदेमंद
-रोज़ाना 30–60 मिनट खेलकूद या एक्सरसाइज
-दौड़ना, तैराकी, साइक्लिंग
-डांस, योग या स्पोर्ट्स
-आउटडोर एक्टिविटीज़
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विशेषज्ञ की सलाह
डॉक्टरों का कहना है कि स्वस्थ आदतें जितनी जल्दी अपनाई जाएं, उतना ही उनका फायदा लंबे समय तक मिलता है। इसलिए किशोर लड़कियों को पढ़ाई के साथ-साथ शारीरिक रूप से सक्रिय रहने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए। यह अध्ययन यह नहीं कहता कि शारीरिक गतिविधि से स्तन कैंसर पूरी तरह खत्म हो जाता है, लेकिन यह जोखिम को कम करने में मददगार जरूर है। जेनेटिक फैक्टर और लाइफस्टाइल भी अहम भूमिका निभाते हैं। किशोरावस्था में अपनाई गई हेल्दी और एक्टिव लाइफस्टाइल, भविष्य में गंभीर बीमारियों से बचाव का मजबूत आधार बन सकती है। आज की एक्टिविटी, कल की सेहत की सुरक्षा है।