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कैंसर सबसे पहले शरीर के इन अंगों को बनाता है निशाना, जानकर चौंक जाएंगे आप

  • Edited By Priya Yadav,
  • Updated: 07 Feb, 2026 10:54 AM
कैंसर सबसे पहले शरीर के इन अंगों को बनाता है निशाना, जानकर चौंक जाएंगे आप

नारी डेस्क:  कैंसर आज के समय की सबसे गंभीर और तेजी से फैलने वाली बीमारियों में से एक है। यह बीमारी तब होती है जब शरीर की कुछ कोशिकाएं बिना किसी नियंत्रण के तेजी से बढ़ने लगती हैं और धीरे-धीरे आसपास के स्वस्थ टिश्यू और अंगों को नुकसान पहुंचाने लगती हैं। कैंसर की सबसे बड़ी चुनौती यह है कि इसकी शुरुआत में लक्षण बहुत हल्के होते हैं, इसलिए लोग इसे सामान्य परेशानी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन समय के साथ यही बीमारी गंभीर और जानलेवा रूप ले सकती है।

क्या शरीर के कुछ अंगों में कैंसर का खतरा ज्यादा होता है?

मेडिकल रिसर्च और विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार कैंसर शरीर के किसी भी हिस्से में हो सकता है, लेकिन कुछ अंग ऐसे हैं जहां कैंसर होने की संभावना ज्यादा रहती है। इन अंगों में कोशिकाओं की गतिविधि ज्यादा होती है या वे बाहरी कारणों जैसे तंबाकू, प्रदूषण और गलत खानपान के ज्यादा संपर्क में रहते हैं।

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फेफड़ों का कैंसर: सबसे आम और सबसे खतरनाक

फेफड़ों का कैंसर दुनियाभर में सबसे ज्यादा पाया जाने वाला कैंसर है। इसका सबसे बड़ा कारण धूम्रपान माना जाता है। सिगरेट, बीड़ी, गुटखा और तंबाकू किसी भी रूप में फेफड़ों को गंभीर नुकसान पहुंचाते हैं। इसके अलावा बढ़ता वायु प्रदूषण भी इस कैंसर के मामलों को तेजी से बढ़ा रहा है। शुरुआती लक्षण जैसे हल्की खांसी, सांस फूलना या सीने में दर्द अक्सर लोग गंभीरता से नहीं लेते, जिससे बीमारी देर से पकड़ में आती है।

ब्रेस्ट कैंसर: महिलाओं में सबसे ज्यादा होने वाला कैंसर

ब्रेस्ट कैंसर महिलाओं में सबसे आम कैंसर है। यह स्तन की ग्रंथियों और दूध की नलिकाओं में विकसित होता है। हार्मोनल बदलाव, बदलती जीवनशैली, देर से गर्भधारण और परिवार में कैंसर का इतिहास इसके खतरे को बढ़ा सकता है। समय पर जांच और जागरूकता से ब्रेस्ट कैंसर का इलाज संभव है।

कोलोरेक्टल कैंसर: बड़ी आंत और मलाशय को करता है प्रभावित

कोलोरेक्टल कैंसर बड़ी आंत और मलाशय में होता है। यह कैंसर उस हिस्से में विकसित होता है जहां भोजन के पाचन के बाद बचा हुआ पदार्थ जमा होता है। गलत खानपान, फाइबर की कमी, ज्यादा प्रोसेस्ड फूड और शारीरिक गतिविधि की कमी इसके मुख्य कारण हैं। शुरुआत में इसके लक्षण पेट दर्द, कब्ज या दस्त जैसे सामान्य हो सकते हैं।

प्रोस्टेट कैंसर: उम्रदराज पुरुषों में बढ़ता खतरा

प्रोस्टेट कैंसर आमतौर पर 50 साल से अधिक उम्र के पुरुषों में पाया जाता है। यह प्रोस्टेट ग्रंथि में होता है, जो पुरुषों की प्रजनन प्रणाली का अहम हिस्सा है। उम्र बढ़ने के साथ हार्मोनल बदलाव इसकी मुख्य वजह माने जाते हैं। नियमित स्वास्थ्य जांच से इसे शुरुआती स्तर पर पकड़ा जा सकता है।

लिवर कैंसर: पुरानी बीमारियों से जुड़ा खतरा

लिवर कैंसर का खतरा उन लोगों में ज्यादा होता है जिन्हें लंबे समय से लिवर से जुड़ी बीमारियां रही हों। हेपेटाइटिस बी और सी, अधिक शराब सेवन, फैटी लिवर और जहरीले रसायनों के संपर्क में रहना इसके प्रमुख कारण हैं। लिवर कैंसर के लक्षण अक्सर देर से सामने आते हैं।

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पेट का कैंसर: गलत खानपान बनता है बड़ी वजह

पेट का कैंसर खराब खानपान और जीवनशैली से जुड़ा हुआ है। बहुत ज्यादा तला-भुना, मसालेदार भोजन, धूम्रपान और कुछ बैक्टीरियल संक्रमण इसके खतरे को बढ़ाते हैं। लंबे समय तक पेट दर्द, उल्टी या अचानक वजन कम होना इसके संकेत हो सकते हैं।

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कैंसर होने के मुख्य कारण क्या हैं?

कैंसर तब होता है जब कोशिकाओं की वृद्धि को नियंत्रित करने वाले जीन में गड़बड़ी आ जाती है। यह गड़बड़ी जन्म से भी हो सकती है या समय के साथ गलत जीवनशैली की वजह से विकसित हो सकती है। तंबाकू और शराब, रेडिएशन, प्रदूषण, हार्मोनल असंतुलन और लंबे समय तक संक्रमण कैंसर के खतरे को बढ़ाते हैं।

किन लोगों को कैंसर का खतरा सबसे ज्यादा होता है?

कुछ लोगों में कैंसर होने की संभावना ज्यादा रहती है। इनमें 50 साल से अधिक उम्र के लोग, तंबाकू और शराब का सेवन करने वाले, मोटापे से ग्रस्त व्यक्ति, शारीरिक रूप से कम सक्रिय लोग और जिनके परिवार में पहले कैंसर रहा हो, शामिल हैं।

कैंसर से बचाव के लिए क्या करें?

हालांकि कैंसर से पूरी तरह बचाव हमेशा संभव नहीं होता, लेकिन सही जीवनशैली अपनाकर इसके खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। धूम्रपान छोड़ना, संतुलित और पौष्टिक आहार लेना, नियमित व्यायाम करना, शराब से दूरी बनाना और समय-समय पर हेल्थ चेकअप कराना बेहद जरूरी है। शरीर में किसी भी तरह का असामान्य बदलाव नजर आए, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।  

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