नारी डेस्क: कई लोगों को चलते-फिरते, उठते-बैठते या सीढ़ियां चढ़ते समय हड्डियों और जोड़ों से कट-कट या क्लिक की आवाज सुनाई देती है। शुरुआत में इसे लोग मामूली समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन बार-बार ऐसी आवाज आना या रोज़मर्रा की गतिविधियों में असुविधा पैदा करना संकेत हो सकता है कि हड्डियों या जोड़ों में कोई समस्या है।
हड्डियों और जोड़ों की आवाज के पीछे क्या कारण हो सकते हैं?
हड्डियों और जोड़ों से आवाज आने के कई कारण हो सकते हैं। इनमें सबसे आम हैं
ऑस्टियोआर्थराइटिस (Osteoarthritis): यह सबसे सामान्य कारण है। इस स्थिति में जोड़ों के बीच मौजूद कार्टिलेज धीरे-धीरे घिसने लगता है, जिससे जोड़ हिलते समय आवाज आने लगती है।
लुब्रिकेशन की कमी (Joint Lubrication): जब जोड़ों में मौजूद सिनोवियल फ्लूइड की मात्रा कम हो जाती है, तो जोड़ हिलने पर कट-कट की आवाज कर सकते हैं।
विटामिन और मिनरल की कमी: विटामिन D और कैल्शियम की कमी से हड्डियां कमजोर हो जाती हैं, जिससे जोड़ों में आवाज और हल्की जकड़न महसूस हो सकती है।
रुमेटॉइड आर्थराइटिस और गाउट: इन बीमारियों में जोड़ों में सूजन और दर्द के साथ आवाज भी सुनाई दे सकती है।
चोट या लिगामेंट की समस्या: घुटने या किसी जोड़ में चोट, लिगामेंट खिंचना, या मेनिस्कस टियर जैसी स्थितियों में भी कट-कट की आवाज आ सकती है।
हवा के बुलबुले: कभी-कभी जोड़ के अंदर बने छोटे एयर बुलब्स फूटने से भी आवाज आती है। यह आमतौर पर हानिकारक नहीं होती।

हड्डियों और जोड़ों की सेहत के लिए क्या करें?
संतुलित आहार: अपने भोजन में कैल्शियम और विटामिन D से भरपूर चीजें शामिल करें, जैसे दूध, दही, पनीर, हरी पत्तेदार सब्जियां और अंडा।
नियमित व्यायाम: रोजाना हल्की-फुल्की स्ट्रेचिंग और वॉक करने से जोड़ों की जकड़न कम होती है और हड्डियां मजबूत रहती हैं।
वजन कंट्रोल: अधिक वजन जोड़ों पर दबाव बढ़ाता है, इसलिए वजन नियंत्रित रखना जरूरी है।
गलत पोश्चर से बचें: लंबे समय तक एक ही स्थिति में बैठे रहने से जोड़ अकड़ सकते हैं। बैठते और खड़े होते समय सही पोश्चर अपनाएं।
पर्याप्त आराम और हाइड्रेशन: शरीर को पर्याप्त आराम दें और पानी पीते रहें, जिससे जोड़ों और हड्डियों की सेहत बनी रहे।

डॉक्टर से कब मिलें?
हड्डियों या जोड़ों से आवाज आने के साथ अगर ये समस्याएं हों, तो डॉक्टर से तुरंत सलाह लें लगातार दर्द या सूजन होना। चलने-फिरने में असुविधा या जकड़न। चोट लगने के बाद समस्या बनी रहना। रोजमर्रा के कामों में दिक्कत या आवाज लगातार बढ़ना। समय पर जांच और सही सलाह लेने से हड्डियों और जोड़ों की समस्या का सही कारण पता चल सकता है और उपचार भी जल्द हो सकता है।