नारी डेस्क: हरियाणा के पलवल जिले के एक गांव में इस समय हाहाकार मची हुई है। यहां पिछले 15 दिनों के भीतर 12 लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि अधिकारियों ने पिछले दो हफ़्ते में मरने वालों की संख्या सात बताई है, जिसके बाद हेल्थ डिपार्टमेंट को चौबीसों घंटे स्थिति पर नज़र रखनी पड़ रही है। इनमें से अधिकतर को बुखार, पेट दर्द, उल्टी, खांसी और बदन दर्द की शिकायत हुई।
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लोगों के लिए जा रहे ब्लड सैंपल
अधिकारियों ने बताया कि हथीन सब-डिवीजन के छाइंसा गांव में पिछले दो हफ़्तों में सात मौतें हुईं, जिनमें से चार हेपेटाइटिस B से हुईं। हालांकि, कुछ गांववालों ने दावा किया कि मरने वालों की संख्या ज़्यादा थी। उन्होंने यह भी दावा किया कि पीने के साफ़ पानी की कमी ने समस्या को और बढ़ा दिया। गांव के एक आदमी ने दावा किया कि पिछले तीन हफ़्तों में गांव में 15-20 लोगों की मौत हुई है, और यह संख्या और भी हो सकती है। जिला हेडक्वार्टर से करीब 30 km दूर बसे इस गांव की आबादी करीब 5,700 है, और इन मौतों के बाद अधिकारियों ने टीमें तैनात की हैं और लोगों के ब्लड सैंपल टेस्ट किए हैं।
लिवर इंफेक्शन भी है मौत का कारण
अधिकारियों ने कहा कि मरने वाले सात लोगों में से तीन को लिवर इंफेक्शन भी था, जो पानी से या फूड पॉइज़निंग की वजह से हो सकता है। गांव में कई लोग ड्राइवर का काम करते हैं, जो लंबे समय तक घर से दूर रहते हैं, जबकि कुछ किसान हैं। हेल्थ डिपार्टमेंट के एक अधिकारी ने कहा कि मरने वालों में से एक, जो ट्रक ड्राइवर था, राज्य के बाहर बीमार पड़ गया और इलाज के लिए घर वापस आ गया। अधिकारियों ने कहा कि मरने वाले सात लोगों में 9 और 14 साल के दो लड़के, 9 और 15 साल की दो लड़कियां, एक 42 साल का आदमी, एक 22 साल का आदमी और एक 67 साल की महिला शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि मरने वालों में से चार का हेपेटाइटिस B टेस्ट पॉजिटिव आया, जो हेपेटाइटिस B वायरस से होने वाला एक गंभीर लिवर इन्फेक्शन है।
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मरने वालों में दिखे ये लक्षण
अधिकारियों ने बताया कि हेल्थ डिपार्टमेंट टेस्टिंग के लिए ब्लड सैंपल इकट्ठा कर रहा है, साथ ही पीने के पानी के सोर्स की बैक्टीरियोलॉजिकल सैंपलिंग भी की जा रही है। मरने वालों में बुखार, उल्टी, कमजोरी और पेट दर्द जैसे लक्षण दिखे। पलवल के डिप्टी कमिश्नरने बताया कि स्थिति कंट्रोल में है, हालांकि पिछले दो हफ्तों से गांव में टीमें कैंप कर रही हैं और चौबीसों घंटे इस पर नज़र रखी जा रही है। अब तक इकट्ठा किए गए सैंपल में से 20 में हेपेटाइटिस C पाया गया है, जो एक वायरल इन्फेक्शन है जिससे लिवर में सूजन होती है। अधिकारी ने बताया कि हेल्थ डिपार्टमेंट गांव में OPD चला रहा है, जिन्होंने स्थिति का जायजा लेने के लिए इलाके का दौरा किया है।
गांव में डर का माहौल
अधिकारी ने कहा कि गांव में पानी का क्लोरीनेशन पक्का किया जा रहा है, वहीं नूह के नल्हर में सरकारी मेडिकल कॉलेज की एक टीम मामले की जांच के लिए इलाके का दौरा करेगी। गांव के एक निवासी मोहम्मद ताहिर ने कहा कि इतनी मौतों के बाद गांव में डर का माहौल है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि गांव में पीने का पानी गंदा था और अक्सर पीने लायक नहीं था। पलवल के चीफ मेडिकल ऑफिसर (CMO) सतिंदर वशिष्ठ ने कहा कि 11 फरवरी के बाद कोई नई मौत की खबर नहीं है, और 2-3 मरीज अभी भी हॉस्पिटल में भर्ती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि लोगों के घरों में स्टोरेज टैंक से पानी के सैंपल लिए गए हैं, जिनमें से छह तय क्राइटेरिया पर खरे नहीं उतरे।