नारी डेस्क : महाशिवरात्रि का पर्व आते ही पूरा वातावरण शिवमय हो जाता है। चारों ओर “हर-हर महादेव” के जयकारे गूंजने लगते हैं, मंदिरों में लंबी कतारें लगती हैं और भगवान भोलेनाथ के दर्शन से मन को अद्भुत शांति मिलती है। आमतौर पर लोगों को लगता है कि शिव भक्ति सिर्फ भारत तक ही सीमित है, लेकिन सच्चाई यह है कि भगवान शिव की आस्था सरहदों से कहीं आगे तक फैली हुई है।
महाशिवरात्रि का धार्मिक महत्व
हिंदू धर्म में महाशिवरात्रि को अत्यंत पावन माना गया है। मान्यता है कि इसी दिन माता पार्वती और भगवान शिव का विवाह हुआ था। जो भक्त इस दिन सच्चे मन से भोलेनाथ और मां गौरा की पूजा करता है, उसकी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और जीवन में सुख-शांति आती है। यही कारण है कि यह पर्व न सिर्फ भारत, बल्कि विदेशों में भी श्रद्धा के साथ मनाया जाता है।

विदेशों में भी बसे हैं आस्था के प्रमुख शिव धाम
नेपाल: पशुपतिनाथ मंदिर
नेपाल में स्थित पशुपतिनाथ मंदिर भगवान शिव के सबसे पवित्र और प्रसिद्ध मंदिरों में गिना जाता है। बागमती नदी के तट पर स्थित यह धाम महाशिवरात्रि पर श्रद्धालुओं से भर जाता है। यहां दर्शन मात्र से मन को गहरा सुकून मिलता है।
मॉरिशस: गंगा तालाव (ग्रैंड बासिन)
मॉरिशस में स्थित गंगा तालाव शिव भक्ति का बड़ा केंद्र है। महाशिवरात्रि और सावन में यहां विशाल यात्रा निकलती है। श्रद्धालु कांवड़ लेकर भोलेनाथ को जल अर्पित करते हैं, ठीक वैसे ही जैसे भारत में किया जाता है।

श्रीलंका और बांग्लादेश
श्रीलंका के त्रिंकोमाली में स्थित कोनेश्वरम मंदिर एक प्राचीन शिव धाम है, जहां महाशिवरात्रि पर विशेष पूजा होती है। वहीं बांग्लादेश में भी कई ऐतिहासिक शिव मंदिर हैं, जहां भक्त बड़ी श्रद्धा से दर्शन करते हैं।
इंडोनेशिया और बाली
इंडोनेशिया के प्रम्बानन मंदिर और बाली द्वीप में भगवान शिव की पूजा अलग नाम और रूप में होती है, लेकिन आस्था उतनी ही गहरी है। महाशिवरात्रि के आसपास यहां भी विशेष अनुष्ठान किए जाते हैं।

अमेरिका: कैलिफोर्निया का शिव-विष्णु मंदिर
कैलिफोर्निया स्थित शिव-विष्णु मंदिर अमेरिका के सबसे बड़े हिंदू मंदिरों में से एक है। यहां भगवान शिव समेत कई देवी-देवताओं की पूजा होती है और महाशिवरात्रि पर भारी संख्या में भक्त पहुंचते हैं।
शिव भक्ति की कोई सीमा नहीं
भगवान शिव को भोलेनाथ कहा जाता है, क्योंकि वे बिना भेदभाव अपने भक्तों पर कृपा करते हैं। शायद यही वजह है कि उनकी भक्ति देश-विदेश हर जगह देखने को मिलती है। अगर आप महाशिवरात्रि 2026 पर विदेश में हैं, तो भी इन शिव धामों में जाकर भोलेनाथ के दर्शन कर सकते हैं।