
नारी डेस्क : देश के सबसे स्वच्छ शहर कहे जाने वाले इंदौर से सामने आई यह घटना न सिर्फ प्रशासनिक दावों पर सवाल खड़े करती है, बल्कि सिस्टम की लापरवाही की एक दर्दनाक तस्वीर भी पेश करती है। भागीरथपुरा इलाके में दूषित पेयजल के कारण 5 महीने के मासूम अव्यान की मौत हो गई। जिस पानी को मां ने बच्चे के दूध को हल्का करने के लिए इस्तेमाल किया, वही पानी उसके लिए जानलेवा साबित हुआ।
10 साल की दुआओं के बाद आया था घर में उजाला
अव्यान के पिता सुनील साहू ने बताया कि 10 साल की मन्नतों और इंतज़ार के बाद उन्हें बेटा मिला था। परिवार के लिए यह बच्चा किसी चमत्कार से कम नहीं था, लेकिन सिस्टम की लापरवाही ने कुछ ही महीनों में उनकी खुशियां छीन लीं।
मां की ममता, सिस्टम की लापरवाही
सुनील साहू के मुताबिक, कुछ दिन पहले अव्यान को उल्टी-दस्त की शिकायत हुई थी। वे उसे तुरंत बाल रोग विशेषज्ञ के पास ले गए। डॉक्टर की सलाह पर घर पर ही दवाइयां दी जा रही थीं। इस दौरान बच्चे को बाहर से खरीदा गया दूध पिलाया जा रहा था, जिसे थोड़ा पतला करने के लिए नगर निगम के नल से आने वाले पानी में मिलाया गया। किसी को अंदाज़ा नहीं था कि यह पानी पीने योग्य नहीं, बल्कि बीमारी फैलाने वाला है।
बीमारी बढ़ी, मासूम जंग हार गया
दूषित पानी दूध के साथ शरीर में जाने से बच्चे की हालत लगातार बिगड़ती चली गई। उल्टी और दस्त रुकने का नाम नहीं ले रहे थे। आखिरकार 29 दिसंबर को पांच महीने के अव्यान ने दम तोड़ दिया। यह परिवार के लिए सिर्फ एक बच्चे की मौत नहीं, बल्कि भरोसे और सुरक्षा के तंत्र का टूटना था।
एक इलाके में सैकड़ों बीमार
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, भागीरथपुरा इलाके में बीते एक हफ्ते के भीतर 1100 से अधिक लोग उल्टी-दस्त की बीमारी से प्रभावित हुए हैं। इनमें से करीब 150 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। हालात इतने गंभीर हैं कि स्थानीय अस्पतालों पर भारी दबाव बना हुआ है। प्रशासन की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पीने के पानी की पाइपलाइन में लीकेज के कारण नाले का गंदा पानी सप्लाई लाइन में मिल गया। इसी वजह से पूरे इलाके में बीमारी तेजी से फैली। यह लापरवाही कब और कैसे हुई, इसकी विस्तृत जांच अभी जारी है।
मौतों के आंकड़ों पर विरोधाभास
इंदौर के मेयर ने दूषित पानी से अब तक 7 मौतों की पुष्टि की है। वहीं स्थानीय लोगों का दावा है कि बीते एक हफ्ते में कम से कम 9 लोगों की जान जा चुकी है। इनमें एक छह महीने का बच्चा और छह महिलाएं शामिल बताई जा रही हैं। फिलहाल प्रशासन की ओर से मृतकों की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है।