
नारी डेस्क : मुंबई के एक युवक का सिविल इंजीनियरिंग से लेकर इंटरनेशनल फैशन रनवे तक का सफर इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। भारत में सिविल इंजीनयर के रूप में करियर शुरू करने वाले शुभम वैद्यकर ने अब फैशन की दुनिया में बड़ा मुकाम हासिल किया है। उन्होंने हाल ही में Milan Fashion Week में मशहूर लग्ज़री ब्रांड Giorgio Armani के लिए रनवे वॉक किया।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
शुभम द्वारा इंस्टाग्राम पर साझा किए गए वीडियो और तस्वीरों ने इंटरनेट पर लोगों का ध्यान खींचा है। वीडियो में उनके दो अलग-अलग रूप नजर आते हैं। एक में वे भारत में सिविल इंजीनियर के तौर पर काम करते दिखते हैं, जबकि दूसरे में वे मिलान फैशन वीक के प्रतिष्ठित रैंप पर मॉडलिंग करते हुए दिखाई देते हैं। यह बदलाव सिर्फ लुक का नहीं, बल्कि करियर और जिंदगी की दिशा में आए बड़े मोड़ को दर्शाता है।
परंपरागत करियर से फैशन की दुनिया तक
एक तस्वीर में शुभम फॉर्मल ऑफिस वियर में एक पारंपरिक करियर पाथ का प्रतिनिधित्व करते हैं, वहीं दूसरी तस्वीर में वे इंटरनेशनल फैशन रनवे पर आत्मविश्वास के साथ चलते नजर आते हैं। उनका यह सफर यह साबित करता है कि करियर हमेशा तय रास्ते पर ही नहीं चलता।
ग्लैमर के पीछे छिपा संघर्ष
मॉडलिंग की दुनिया भले ही बाहर से चमकदार दिखती हो, लेकिन इसके पीछे कड़ी मेहनत और संघर्ष छिपा है। इंटरनेशनल मॉडलिंग में जगह बनाना आसान नहीं होता। इसमें लगातार रिजेक्शन, बिना भुगतान के टेस्ट शूट, ग्रूमिंग पर खर्च, सख्त शारीरिक मानक और फ्रीलांस काम की अनिश्चितता शामिल होती है। खासकर मिलान जैसे फैशन हब में टिके रहना वित्तीय जोखिम और मानसिक मजबूती की मांग करता है।
2024 में की इंटरनेशनल डेब्यू
जानकारी के अनुसार, शुभम ने 2024 में मिलान में अरमानी के साथ अपने मॉडलिंग करियर की शुरुआत की। वर्तमान में उनका मैनेजमेंट एनिमा क्रिएटिव्स के पास है। फैशन इंडस्ट्री के आंकड़ों के मुताबिक, मिलान फैशन वीक में पुरुष रैंप मॉडल्स को प्रति शो करीब 1,000 से 3,000 यूरो तक मिलते हैं, जबकि बड़े कैंपेन शूट्स में फीस इससे कहीं अधिक हो सकती है।
बदलाव का साहस बनी पहचान
शुभम वैद्यकर की यह कहानी लोगों को इसलिए प्रेरित कर रही है क्योंकि यह उस साहस को दिखाती है, जिसकी चाह कई लोग रखते हैं। अपनी सुरक्षित नौकरी छोड़कर सपनों के पीछे जाने का हौसला। इंजीनियरिंग से फैशन की दुनिया तक उनका सफर इस बात का उदाहरण है कि अगर हिम्मत और लगन हो, तो असंभव भी संभव हो सकता है।