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माडर्न किचन की शान नॉन स्टिक बर्तनों से हो जाएं सावधान !!!

  • Edited By Vandana,
  • Updated: 03 May, 2019 07:46 PM
माडर्न किचन की शान नॉन स्टिक बर्तनों से हो जाएं सावधान !!!

मॉडर्न किचन में आपको नॉन स्टिक बर्तन तो मिल ही जाएंगे क्योंकि लोगों को लगता है कि अगर किचन मॉडर्न बनी है तो बर्तन भी नए जमाने के हिसाब से होने चाहिए लेकिन आपको बता दें कि यह बर्तन आपकी सेहत के लिए अच्छे नहीं है। जी हां, बाहरी खूबसूरती से आपके किचन की रंगत को चार चांद लगाने वाले ये बर्तन असल में आपके शरीर की अंदरूनी सेहत को कैसे खराब कर सकते है... यहां तक की खोजकारों के द्वारा नॉन स्टिक कुकवेयर को कैंसर का मुख्य कारण बताया गया है। आइए जानते है कहां तक सही है ये बातें....

नॉन-स्टिक बर्तन क्यों है नुकसानदायक?

नॉन-स्टिक बर्तनों की कोटिंग में  टैफलोन  नाम  के  रासायनिक पदार्थ का इस्तेमाल होता है। इसको  टैफलोन के इस्तेमाल से बनाया जाता है, जो एक ज़हरीला प्रदूषक है।  इसका संबंध थायरॉइड डिसऑर्डर, क्रोनिक किडनी डिजीज, लिवर डिजीज और भी कई बीमारियों से पाया गया है। विशेषज्ञों की मानें तो लोगों को नॉनस्टिक बर्तनों को इस्तेमाल करने की आवश्यकता ही क्यों पड़ती है। नॉनस्टिक बर्तन भले ही  टैफलोन-फ्री हो आखिर उसकी जगह दूसरे केमिकल का ही इस्तेमाल होता है। नॉन-स्टिक बर्तनों पर स्क्रैच पड़ने के बाद उनका इस्तेमाल बिल्कुल नहीं करना चाहिए क्योंकि स्क्रैच से आतंरिक परत में मौजूद
टेफ्लॉन खाने के जरिए हमारे शरीर तक पहुंच जाता है। ये स्लो पॉइजन की तरह काम करता है।
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नॉन-स्टिक बर्तन से होने वाली बीमारियां

1. थॉयराइडः अमेरिकन शोध से सामने आया है कि शरीर में टैफलोन की मात्रा ज्यादा होने से थायराइड ग्रंथी प्रभावित होती है। खासकर महिलाओं में यह बिमारी बहुत तेज़ी से बड़ती चली जी रही है। 

2. इम्यून सिस्टमः शरीर की इम्‍यून सिस्टम को नॉनस्टिक में बना भोजन बहुत कमजोर बना देता है। नॉन-स्टिक बर्तन से निकलने वाला परफ्लूरिनेटेड कम्पाउंड (पीएफओए) शरीर के इम्यून सिस्टम को कमजोर कर देता है।

3.लीवर को नुकसानः  नॉन स्टिक बर्तनों को बनाने में इस्तेमाल होने वाले टैफलोन का लिवर को खराब करने में संबंध पाया गया है। यदि आपके घर में कोई सदस्य ऐसा है जिसे पहले से लीवर की समस्या है तो आपको अभी के अभी नॉन स्टिक बर्तनों का इस्तेमाल छोड़ देना चाहिए। 

4.हार्ट अटैकः पहले ज़माने में दिल के रोगों को बढ़ती उमर का कारण माना जाता था, परन्तु बदलती जीवन शैली के चलते इससे युवा भी प्रभावित है। इसका एक कारण नॉन स्टिक बर्तनों में बना खाना खाने को बताया जा रहा है। इन बर्तनों में खाना खाने से शरीर में फैट सैलज़ बड़ते है जो दिल की बिमारी का कारण बन जाता है। PunjabKesari, Non Stick Pans

फिर भी अगर करते है नॉन स्टिक बर्तनों का इस्तेमाल तो रखें इन खास बातों का ध्यान -

1.कम तापमान पर खाना पकाएं
2.नॉन-स्टिक पैन्स को पहले से गर्म न करें
3.नॉन-स्टिक बर्तनों में तलने-भुनने का काम न करें
4.नॉन-स्टिक बर्तनों को रगड़ें नहीं
 

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