क्या आप भी कई दिनों से थकावट महसूस कर रही हैं और लाख कोशिश करने के बाद भी आपकी थकान दूर नहीं हो रही? अगर ऐसा है तो थोड़ा सतर्क हो जाएं क्योंकि यह क्रॉनिक फैटीग सिंड्रोम यानि सीएफएस का लक्षण हो सकता है। यह एक गंभीर मानसिक समस्या है, जिसमें व्यक्ति को लंबे समय तक थकावट महसूस होती है। आराम करने के बाद भी थकावट कम नहीं होती है। पुरूषों के मुकाबले महिलाएं इसकी अधिक शिकार होती है क्योंकि वो अपनी सेहत को छोटी-मोटी परेशानियों को नजरअंदाज कर देती हैं।
किन महिलाओं को अधिक खतरा
वैसे तो यह बीमारी किसी को भी हो सकती हैं लेकिन 40 से 50 वर्ष की महिलाओं में यह ज्यादा सामान्य है। इसके अलावा जो महिलाओं ज्यादा तनाव, स्ट्रेस लेती हैं वो भी इसकी चेपट में जल्दी आ जाती है। सीएफएस का पता लगाना कठिन है क्योंकि इसके लिए कोई जांच नहीं है। इसके लक्षण पहचानकर ही डॉक्टर मरीज को दवा देते हैं।

डिप्रेशन का बन सकता है कारण
अगर समय रहते इस बीमारी का इलाज ना किया जाए तो यह सामाजिक अलगाव, काम में मन ना लगना और डिप्रेशन जैसी मानसिक समस्याओं का कारण बन सकता है।
क्रॉनिक फैटीग सिंड्रोम के लक्षण
थकावट और बीमारी जैसा फील होना
सिरदर्द की समस्या
मांसपेशियों में लगातार दर्द होना
लगातार जोड़ों में दर्द होना
नींद न आना
सोने के बाद भी आलस लगना
याददाश्त कमजोर होना
गला खराब होना

क्रॉनिक फैटीग सिंड्रोम का कारण
वायरल इंफेक्शन
वायरल इंफेक्शन फैलाने वाले बैक्टीरिया और वायरस क्रॉनिक फैटीग सिंड्रोम का कारण बन सकते हैं। यही कारण है कि कई बार वायरल इंफेक्शन के बाद आपको लंबे समय तक थकान होती है।
कमजोर इम्यून सिस्टम
महिलाओं का इम्यून सिस्टम पुरूषों के मुकाबले ज्यादा कमजोर होता है, जिसके कारण वो इसकी चपेट में जल्दी आ जाती हैं।
हार्मोनल असंतुलन
25-30 के बाद महिलाओं के शरीर में कई हार्मोनल बदलाव होते हैं। दरअसल, एक उम्र के बाद हाइपोथेलेमस, पिट्यूट्री ग्लैंड या एड्रेनल ग्लैंड हार्मोन्स का निर्माण ठीक से नहीं कर पाते हैं, जिसके कारण महिलाएं इसकी चपेट में आ जाती है।

पोषक तत्वों की कमी
शोधकर्ताओं का कहना है कि महिलाओं में इस बीमारी का एक कारण पोषक तत्वों की कमी भी है। महिलाएं काम के चक्कर में अपनी डाइट पर ध्यान नहीं देती, जिसके कारण वो इसकी चपेट में आ जाती है।
अधिक तनाव लेना
अगर आप ही छोटी-छोटी बातों पर तनाव ले लेती हैं तो सतर्क हो जाए क्योंकि यह इस बीमारी का संकेत हो सकता है।
कैसे करें बचाव
इससे बचने के लिए जरूरी है कि महिलाएं अपने लाइफस्टाइल में कुछ बदलाव करें जैसे
-तनाव कम करना
-नींद की आदतों में सुधार
-हेल्दी डाइट लेना
-जंक फूड्स से परहेज
-डेली व्यायाम व योग करना
-खुद के लिए समय निकालें

डॉक्टर से कब मिलना चाहिए
अगर आपको इन लक्षणों की शिकायत 6 महीने से ज्यादा है तो किसी मेडिसिन एक्सपर्ट से तुरंत सलाह लेनी चाहिए। थकान को दूर करने के लिए किसी भी तरह की दवा का उपयोग खुद न करें।