भारत में 2 हजार से अधिक तरह की वनस्पति पाई जाती है, जिसका कई तरह से इस्तेमाल किया जाता है। जिनके लाभ व उपयोग के बारे में पारम्परिक चिकित्यकीय ज्ञान में काफी बातें बताई गई है। इसके बाद इन वनस्पतियों की पत्तियों से तैयार होने वाले पत्तलों से इसका लाभ नही लेते है। अपनी रोजमर्रा की जिदंगी में केवल ज्यादा से ज्यादा 5 तरह की वनस्पतियों का इस्तेमाल करते है।इन पत्तों से बनी प्लेट में खाना खाने से न केवल हम कई तरह की बीमारियों से बचे रहते है बल्कि यह हमारे वातावरण को भी साफ रखने में मदद करते है। केरला में केले के पत्ते के साथ सुपारी के पत्तों की पत्तल काफी बनाई जा रही है। आईए जानते है कि विभिन्न पेड़ों से बनने वाले पत्तों की पत्तलों से हमें क्या लाभ होते है।

केले के पत्ते
प्राचीन समय से ही केले के पत्तों में खाना परोसा जाता रहा है। केले के पत्ते में खाने परोसने से हम कई तरह की बीमारियों से बचे रहते है। आजकल महंगे होटल व रिसोर्ट में भी केले के पत्तों का इस्तेमाल होने लगा है। जब गर्म खाना केले के पत्ते में परोसा जाता है तो इससे हमारे शरीर को कई तरह के लाभ मिलते है, जो कि चांदी के बर्तन में खाने के बराबर होते है। आईए जानते है कि केले के पत्ते से आपको क्या फायदा होता है।
जब खाने को केले के पत्ते में लपेटा जाता है तो यह खाना खराब होने से बचाते है। इससे खाना जल्दी खराब नही होता है।
स्किन पर फोड़े फुंसी पर केले के पत्ते पर नारियल का तेल डालकर लगाने से त्वचा संबंधी समस्या दूर हो जाती है।
नवजात बच्चों को केले के पत्ते पर अदकर का तेल छिड़कर पूरी तरह लपेट कर सूर्य कि किरणों के सामने रखने से त्वचा अच्छी रहती है। इससे शरीर को विटामिन डी अच्छी मात्रा में मिलता है।
शरीर के किसी हिस्से के जल जाने पर केले के पत्ते पर अदरक का तेल छिड़कर लपेटने से गर्मी व इसकी जलन दूर हो जाती है।
पत्ते में रोज खाना खाने से बाल जल्द ही काले व चमकदार हो जाते है।

पलाश के पत्ते
पलाश के फूल जो कि लाल व सफेद रंग के होते है। जितने फूल उपयोगी होते है उतने ही इसके फूल भी आपके शरीर के लिए उपयोगी होते है। पलाश के पत्तल में भोजन करने से स्वर्ण के बर्तन में भोजन करने के बराबर लाभ व पुण्य प्राप्त होता है। इससे शरीर भी आरोग्य रहता है।इससे आपको ओर भी कई तरह के फायदे मिलते है।
पलाश के पत्ते रक्त की अशुद्धता के कारण होे वाली बीमारियों को दूर करने में मदद करती है।
इससे पाचन तंत्र संबंधी रोग भी दूर होते है। इसके साथ ही खांसी संबंधी बीमारियों को भी कम करता है।
बवासीर के रोगियों के लिए पलाश के पत्तों में खाना खाना बहुत ही लाभदायक होता है।

अमलतास की पत्तल
चिकनी व अंडाकार शेप में पाई जाने वाली पत्तियां आपके लिए काफी फायदेमंद होती है। अमलतास की न केवल पत्तियां बल्कि छाल व फूल भी आपके शरीर के लिए काफी फायदेमंद होती है। आईए जानते है कि इनसे बनी पत्तलों खाना खाने से शरीर को क्या फायदे होते है।
लकवा के मरीजों के लिए अमलतास की पत्तलो में खाना खाना उपयोगी माना जाता है।
अमलताल के पत्ते त्वचा संबंधी होने वाली बीमारियों के ईलाज में भी काफी मदद करते है।
इसमें पाए जाने वाले गुण झड़ते हुए बालों को रोकने में भी मदद करते है।

करंज के पत्ते
करंज की पत्तियों से जोड़ो का दर्द जल्द ही दूर होता है। इसके लिए इनके पुराने पत्तों का इस्तेमाल करना चाहिए।
करंज के पत्तो से बनी पत्तल में खाना खाने से मिर्गी की बीमारी में भी काफी आराम मिलता है।
