20 MARFRIDAY2026 11:32:02 PM
Nari

काेरोना, निपाह वायरस के बाद Bird Flu ने बढ़ाई चिंता,  चिकन और अंडा खाने वाले रहें Alert

  • Edited By vasudha,
  • Updated: 05 Feb, 2026 06:10 PM
काेरोना, निपाह वायरस के बाद Bird Flu ने बढ़ाई चिंता,  चिकन और अंडा खाने वाले रहें Alert

नारी डेस्क: देश एक बार फिर संकट की तरफ जा रहा है। निपाह वायरस के बाद अब बर्ड फ्लू ने चिंताएं बढ़ा दी है। हाल के दिनों में कई इलाकों में 1,500 से ज़्यादा कौवे मरे हुए पाए जाने के बाद चेन्नई में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है, जिसके बाद केंद्र सरकार ने तमिलनाडु प्रशासन को बर्ड फ्लू की पुष्टि होने के बाद निगरानी और बीमारी नियंत्रण उपायों को मजबूत करने का निर्देश दिया है। यह बीमारी सिर्फ पक्षियों तक सीमित नहीं रहती, बल्कि लापरवाही बरतने पर इंसानों की सेहत और आजीविका पर भी असर डाल सकती है।

PunjabKesari
अचानक हुई कौवों की मौत

अचानक हुई मौतों की रिपोर्ट शहर के कई हिस्सों से मिली है। निवासियों ने सबसे पहले सार्वजनिक स्थानों, पेड़ों और आवासीय क्षेत्रों में कौवों को गिरते हुए देखा, जिससे नागरिक और पशु स्वास्थ्य अधिकारियों के बीच चिंता बढ़ गई। तेजी से कार्रवाई करते हुए, कांचीपुरम की पशु रोग जांच टीम ने पिछले महीने मृत पक्षियों के नमूने एकत्र किए। इन नमूनों को भोपाल में राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण संस्थान में प्रयोगशाला परीक्षण के लिए भेजा गया था, और परीक्षण के परिणामों ने अब प्रभावित पक्षियों में एवियन इन्फ्लूएंजा, जिसे आमतौर पर बर्ड फ्लू के नाम से जाना जाता है, की उपस्थिति की पुष्टि की है।


लोगों को दिए गए ये निर्देश

वायरस के अन्य जानवरों और, दुर्लभ मामलों में, मनुष्यों में फैलने के संभावित जोखिम को देखते हुए निवासियों को सलाह दी गई है कि  वे अपने इलाके में किसी भी अचानक पक्षी की मौत के बारे में तुरंत अधिकारियों को सूचित करें। लोगों को सख्त चेतावनी दी गई है कि वे मृत पक्षियों या जानवरों को नंगे हाथों से न छुएं, क्योंकि इससे संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। अधिकारियों ने निर्देश दिया है कि संक्रमण को रोकने के लिए कौवों सहित संक्रमित पक्षियों के शवों को कम से कम आठ फीट गहरे गड्ढों में सुरक्षित रूप से दफनाया जाए। इसके अलावा केरल और बिहार में भी बर्ड फ्लू के मामले सामने आए हैं, जिससे क्षेत्रीय प्रसार के बारे में व्यापक चिंताएं बढ़ गई हैं। अधिकारियों का कहना है कि बीमारी को फैलने से रोकने और लोगों और जानवरों दोनों की सेहत की सुरक्षा के लिए राज्य और केंद्र सरकार की एजेंसियों के बीच मिलकर प्रयास किए जा रहे हैं।

PunjabKesari
बर्ड फ्लू क्या है?

बर्ड फ्लू एक वायरल संक्रमण है, जो मुख्य रूप से मुर्गियों, बतख, कौए और दूसरे पक्षियों को प्रभावित करता है। यह वायरस खासतौर पर H5N1, H5N8 जैसे स्ट्रेन के कारण फैलता है। यह संक्रमित पक्षियों के संपर्क में आने से, उनके मल, लार या पंखों से, कच्चे या अधपके चिकन और अंडे खाने से, पोल्ट्री फार्म में साफ-सफाई की कमी से इंसानों में फैलता है 


इंसानों में बर्ड फ्लू के लक्षण

हालांकि इंसानों में यह बीमारी कम फैलती है, लेकिन अगर संक्रमण हो जाए तो लक्षण गंभीर हो सकते हैं:

-तेज बुखार

-खांसी और गले में खराश

-सांस लेने में तकलीफ

-मांसपेशियों में दर्द

-आंखों में जलन या लालिमा

 गंभीर मामलों में निमोनिया या सांस से जुड़ी जटिलताएं भी हो सकती हैं।

इससे बचाव के उपाय

चिकन और अंडे अच्छी तरह पकाकर ही खाएं। कच्चे मांस को छूने के बाद हाथ धोएं, बीमार या मरे हुए पक्षियों को न छुएं। पोल्ट्री फार्म या पक्षियों के बाजार में सावधानी रखें।  बुखार या सांस की दिक्कत हो तो तुरंत डॉक्टर से मिलें। डॉक्टरों के अनुसार अगर चिकन और अंडे पूरी तरह पकाए गए हों, तो वे आमतौर पर सुरक्षित होते हैं।  बर्ड फ्लू का संकट डर का नहीं, सतर्कता का विषय है। साफ-सफाई, सही जानकारी और सावधानी अपनाकर इस बीमारी से खुद को और अपने परिवार को सुरक्षित रखा जा सकता है।

Related News