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Mahashivratri 2021: शिवलिंग पर ना चढ़ाए टूटी बेलपत्र और चावल, महापाप हैं ये काम

  • Edited By Anjali Rajput,
  • Updated: 10 Mar, 2021 12:53 PM
Mahashivratri 2021: शिवलिंग पर ना चढ़ाए टूटी बेलपत्र और चावल, महापाप हैं ये काम

11 मार्च को देशभर में महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जाएगा। मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव की अराधना करने से हर मनोकामना पूरी होती है तो वहीं कुंवारी लड़कियों को मनचाहा वर मिलता है। महादेव हर प्राणी के लिए सरल और सहज हैं और सभी को सम्यक दृष्टि से देखते हैं। मगर, फिर भी व्रत के दौरान कुछ बातों का ध्यान और सभी नियमों का पालन करना जरूरी है। आइए जानते हैं कि व्रत के दौरान क्या करना चाहिए और क्या नहीं...

महादेव की पूजा करते समय याद रखें ये बातें...

1. महादेव की पूजा में उन्‍हें भांग, धतूरा, बेल पत्र और बेर जरूर चढ़ाएं। कहा जाता है कि तांबे के लोटे से शिवलिंग पर दूध नहीं चढ़ाना चाहिए। इसके लिए आप स्टील के लोटे का इस्तेमाल कर सकते हैं।
2. शिवलिंग की पूरी परिक्रमा पूरी नहीं की जाती क्योंकि धार्मिक ग्रंथों में जलाधारी को लांघना वर्जित है। साथ ही शिवलिंग की पूजा कभी भी जलधारी के सामने से नहीं करनी चाहिए।
3. पूजा करते समय शिवलिंग के ऊपरी हिस्से को स्पर्श ना करें, खासकर महिलाएं। मान्यता है कि इससे माता पार्वती नाराज हो जाती हैं।
4. मान्यता है कि शिवलिंग पर चढ़े हुए प्रसाद को नहीं खाना चाहिए। शिवलिंग पर केसर, केतकी, दुपहरिका, मालती, चंपा, चमेली, कुंद, जूही फूल भी नहीं चढ़ाने चाहिए।

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शिवलिंग पर ना चढ़ाएं ये चीजें

भूलकर भी शिवलिंग पर हल्दी, तुलसी, तिल और मेहंदी ना चढ़ाएं क्योंकि शिव पूजा में ये चीजें वर्जित हैं। इसके अलावा भूल से भी टूटी बेलपत्र व चावल शिवलिंग को अर्पित ना करें। हालांकि आप काले तिल और तुलसीदल शिवलिंग पर चढ़ा सकते हैं।

शिवलिंग पर कुमकुम अर्पित करने से बचें

भगवान शिव बैरागी है जबकि, कुमकुम सौभाग्य का प्रतीक होता है इसलिए शिवलिंग पर सिंदूर चढ़ाना वर्जित है। इसलिए भूलकर भी शिवलिंग पर कुमकुम अर्पित ना करें।

शंख से जल चढ़ाना क्यों वर्जित?

कभी भी शंख से शिवलिंग से जल ना चढ़ाए। ऐसा इसलिए क्योंकि भगवान शिव ने शंखचूड़ नाम के दैत्य का वध किया था, जिसकी हड्डियों से ही शंख बने हैं। यही वजह है कि शिवलिंग पर शंख से जल चढ़ाना वर्जित है।

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एक साथ ना करें 2 शिवलिंग का पूजन

दो शिवलिंग, दो शंख, दो चक्रशिला, दो गणेश मूर्ति, दो सूर्य प्रतिमा, तीन दुर्गा जी की प्रतिमाओं का भी एक साथ पूजन नहीं करना चाहिए। साथ ही भगवान शंकर की आधी, विष्णु की 4, दुर्गा की 1 बार, सूर्य की 7, गणेश जी की 3 बार परिक्रमा करनी चाहिए।

शिवरात्रि पर भूलकर भी ना करें ये काम

काले कपड़े पहनना

शिवरात्रि के दिन काले कपड़े पहनना वर्जित माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार, इस दिन सफेद या लाल कपड़े पहनने चाहिए क्योंकि यह रंग भगवान शिव को अति प्रिय है। साथ ही चमड़े से बनी चीजें जैसे चप्पल, बेल्ट व बैग का यूज भी ना करें।

गुस्सा करना

सिर्फ महिलाओं ही नहीं बल्कि घर के हर सदस्य को गुस्सा नहीं करना चाहिए। अपनी वाणी पर हमेशा कंट्रोल रखें। इससे परिवार में हमेशा सुख-समृद्धि भी बनी रहेगी।

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घर की साफ-सफाई

पौराणिक कथाओं के मुताबिक, शिवरात्रि के दिन भगवान शिव धरत पर भ्रमण जरूर करते हैं क्योंकि इसी दिन उनका विवाह हुआ था। ऐसे में शिवरात्रि के दिन घर को गंदा ना रखें क्योंकि इससे भगवान शिव नाराज हो जाएंगे।

ना खाएं ये चीजें

अगर आप व्रत नहीं भी रख रहे तो भी इस दिन मांस, शराब, बैंगन, कढ़ी, लहसुन, प्याज गन्ने का जूस, काली मिर्च से परहेज करें क्योंकि ये चीजें महादेव को पसंद नहीं है। इसके अलावा तामसिक भोजन भी ना करें।

दिन के समय सोना

व्रत रखकर दिन के समय ना सोएं क्योंकि भगवान शिव इसे अपना अपमान समझते हैं। ऐसे में बेहतर होगा कि आप दिन के समय ना सोएं और सुबह-शाम भगवान की अराधना करें।

नाखून, बाल काटना भी वर्जित

व्रत रखकर महिलाएं बाल व नाखून और पुरुष दाढ़ी काटने से बचें। हालांकि इस बात शिवरात्रि व्रत वीरवार के दिन आ रहा है जो भगवान विष्णु का भी दिन है। इस दिन ये काम अशुभ माना जाता है और इससे घर में दरिद्रता आती है।

पीरियड्स में ना करें पूजा

मासिक धर्म के दौरान महिलाओं को ना ही तो व्रत रखना चाहिए और ना ही शिवलिंग को हाथ लगाना चाहिए। धार्मिक ग्रंथों में ऐसा करना वर्जित माना जाता है।

पेड़ काटने से बचें

भगवान शिव को पर्यावरण बेहद प्रिय था इसलिए इस दौरान पेड़ों को काटने चाहिए। वैसे सिर्फ सावन ही नहीं बल्कि कभी भी पेड़ों को नहीं काटना चाहिए।

किसी का अपमान ना करें

बड़े, बुजुर्ग, छोटे बच्चों या किसी भी कांवर यात्री कभी भी अपमान नहीं करना चाहिए, खासकर शिवरात्रि के दिन। सुबह उठकर बड़े-बुजुर्गों का पैर छूकर आशीर्वाद लें।

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