
नारी डेस्क: बॉलीवुड अभिनेता Zayed Khan ने हाल ही में अपनी मां Zareen Khan के अंतिम संस्कार को लेकर उठे विवाद पर खुलकर अपनी राय दी है। जरीन खान का निधन पिछले साल नवंबर में मुंबई में हुआ था। उनके अंतिम संस्कार के दौरान हिंदू रीति-रिवाजों को अपनाने को लेकर सोशल मीडिया पर काफी बहस छिड़ गई थी।
विवाद की वजह
जरीन खान पारसी मूल की थीं और मुस्लिम परिवार में शादी करने वाली थीं। ऐसे में लोग सवाल उठाने लगे थे कि उनका अंतिम संस्कार हिंदू रीति-रिवाजों से क्यों हुआ। सोशल मीडिया पर कई लोगों ने इसे लेकर आलोचना की और परिवार से सफाई मांगने लगे।जायद खान ने इस मुद्दे पर पहली बार खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि उनके परिवार में इंसानियत ही सबसे बड़ा धर्म है और उन्होंने सिर्फ अपनी मां की आखिरी इच्छा पूरी की। जायद ने साफ कहा, “हमें किसी को यह बताने या सफाई देने की जरूरत नहीं कि हमने ऐसा क्यों किया।”
मां की आखिरी ख्वाहिश
जायद ने बताया कि उनकी मां ने अपने जीवन के आखिरी दिनों में अपनी इच्छा उनके सामने रखी थी। जायद ने कहा, “एक दिन मां नदी के किनारे बैठी थीं और उन्होंने कहा कि जब मैं दुनिया से चली जाऊं, तो मेरी अस्थियां नदी की लहरों में बहें। मैं बस आजाद होना चाहती हूं।” जायद ने बताया कि परिवार ने सिर्फ उनकी मां की यह आखिरी ख्वाहिश पूरी की। उनका कहना था कि जब बात किसी की अंतिम ख्वाहिश की हो, तो मज़हब या धर्म से ज्यादा इंसानियत और प्यार मायने रखते हैं।
परिवार का नजरिया
जायद खान ने यह भी स्पष्ट किया कि उनके परिवार के लिए धर्म एक निजी मामला है। उन्होंने कहा, “हम खुद को सेक्युलर परिवार मानते हैं। हमारे यहां कौन सा धर्म अच्छा है और कौन सा बुरा, इस तरह की बातों की कोई जगह नहीं है। हमें किसी को यह बताने की जरूरत नहीं कि हम ऐसे क्यों हैं।” जायद ने अपने परिवार के स्टाफ के बारे में भी बताया कि उनके घर के लोग अलग-अलग बैकग्राउंड से आते हैं और सिर्फ रहने-खाने तक ही नहीं बल्कि बच्चों की पढ़ाई और भविष्य के लिए भी पूरी मदद करते हैं।
हिंदू रीति-रिवाजों से अंतिम संस्कार
जरीन खान का अंतिम संस्कार 7 नवंबर 2025 को मुंबई में हिंदू रीति-रिवाजों से किया गया था। जरीन खान 81 साल की उम्र में लंबी उम्र और बीमारियों के चलते दुनिया को अलविदा कह गईं। जायद और सुजैन खान ने उनकी आखिरी इच्छा का सम्मान करते हुए यह निर्णय लिया।

जरीन खान का करियर
जरीन खान साल 1963 में फिल्म ‘तेरे घर के सामने’ में देव आनंद के साथ नजर आई थीं। 1960 के दशक में उनकी मुलाकात अभिनेता संजय खान से हुई, और 1966 में दोनों शादी के बंधन में बंध गए। जायद खान ने साफ कर दिया है कि उनके लिए मां की अंतिम इच्छा और इंसानियत धर्म से ऊपर है। उन्होंने आलोचकों को करारा जवाब देते हुए कहा कि उनका परिवार सिर्फ अपने मानवीय और भावनात्मक कर्तव्यों को निभा रहा है और किसी को इसका न्याय करने या सवाल पूछने की जरूरत नहीं है।