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मोटापा व शुगर कम करने वाले फर्जी 70 लाख इंजेक्शन जब्त, जांच में जुटा विभाग

  • Edited By Priya Yadav,
  • Updated: 20 Apr, 2026 11:05 AM
मोटापा व शुगर कम करने वाले फर्जी 70 लाख इंजेक्शन जब्त, जांच में जुटा विभाग

नारी डेस्क: गुरुग्राम से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जिसने स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शहर के DLF फेज-4 इलाके में ड्रग कंट्रोल विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 70 लाख रुपये के नकली इंजेक्शन बरामद किए हैं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि ये इंजेक्शन बाजार में सप्लाई किए जा रहे थे, जिससे लोगों की जान को बड़ा खतरा हो सकता था। क्या हैं पूरा माजरा आइए जानते हैं। 

गुरुग्राम में ड्रग कंट्रोल विभाग की बड़ी कार्रवाई

दिल्ली से सटे साइबर सिटी गुरुग्राम में ड्रग कंट्रोल विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए नकली दवाइयों के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। DLF फेज-4 इलाके में की गई इस रेड के दौरान करीब 70 लाख रुपये की कीमत के नकली इंजेक्शन बरामद किए गए। इस कार्रवाई के बाद स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन में हड़कंप मच गया है।

दिल्ली में सप्लाई से पहले पकड़ें गए

प्राथमिक जानकारी के मुताबिक, यह नकली इंजेक्शन इटली से इंपोर्ट कर भारत लाए गए थे और इन्हें दिल्ली में सप्लाई किया जाना था। बताया जा रहा है कि भारी मुनाफा कमाने के लालच में इस अवैध कारोबार को अंजाम दिया जा रहा था। हालांकि, समय रहते ड्रग कंट्रोल विभाग को इसकी सूचना मिल गई। इसके बाद एक विशेष टीम का गठन किया गया और योजनाबद्ध तरीके से छापेमारी की गई, जिसमें पूरी खेप को जब्त कर लिया गया।

मौके से गाड़ी और ड्राइवर हिरासत में

रेड के दौरान विभाग ने सिर्फ नकली इंजेक्शन ही नहीं, बल्कि उस गाड़ी को भी जब्त किया जिसमें यह दवाइयां लाई जा रही थीं। मौके से ड्राइवर को भी हिरासत में लिया गया है, जिससे पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों को उम्मीद है कि इस पूछताछ से पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सकता है।

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‘मौनजारो’ इंजेक्शन को लेकर बड़ा खुलासा

ड्रग कंट्रोल विभाग के अधिकारी मनदीन चौहान के अनुसार, बरामद इंजेक्शन ‘मौनजारो’ नाम से जुड़े बताए जा रहे हैं। यह इंजेक्शन मूल रूप से इटली की एक कंपनी द्वारा बनाया जाता है और इसका इस्तेमाल शुगर (डायबिटीज) के इलाज में किया जाता है। हालांकि, भारत में यह इंजेक्शन प्रतिबंधित है और इसका दुरुपयोग वजन कम करने के लिए भी किया जा रहा है। ऐसे में नकली रूप में इसकी सप्लाई लोगों की सेहत के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकती थी।

पूरे सप्लाई नेटवर्क की जांच जारी

फिलहाल ड्रग कंट्रोल विभाग और पुलिस इस मामले की गहराई से जांच कर रहे हैं। कोशिश की जा रही है कि यह पता लगाया जाए कि इतनी बड़ी मात्रा में नकली इंजेक्शन कहां से आए और किन-किन लोगों तक पहुंचने वाले थे। अधिकारियों का कहना है कि सप्लाई चेन की पूरी कड़ी को जोड़कर इस अवैध धंधे में शामिल सभी लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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लोगों से सतर्क रहने की अपील

ड्रग कंट्रोल विभाग के अधिकारी अमनदीप चौहान ने आम लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि दवाइयां हमेशा लाइसेंसधारी केमिस्ट से ही खरीदें और बिल जरूर लें। इसके साथ ही इंजेक्शन या दवाइयों का बैच नंबर और पैकेजिंग ध्यान से जांचें।

जब्त किए गए इंजेक्शन के सैंपल जांच के लिए लैब भेज दिए गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत केस दर्ज किया जाएगा। विभाग ने साफ किया है कि हरियाणा में नकली दवाइयों को लेकर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है और ऐसी गतिविधियों पर सख्ती से कार्रवाई जारी रहेगी।

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