
नारी डेस्क: हमारे देश में गौरा दिखने के लिए लोग क्या कुछ नहीं करते। सांवले लाेग तो खुद को एक सजा मानने लगते हैं और अपने इस रंग को छिपाने के लिए महंगी क्रीम, इंजेक्शन और गई बार तो लाखों खर्च कर ट्रीटमेंट्स भी करवाते हैं। हालांकि इस देश से बाहर वो लोग भी हैं जो अपने गौरे रंग से परेशान हैं और वह अपनी त्वचा को जानबूझकर सांवला या ब्रॉन्ज्ड बनाने के लिए पैसे खर्च कर रहे हैं। आज कल सांवले दिखने का ट्रेंड काफी चल रहा है।

काले होने के लिए धूप में बैठ रहे लोग
अमेरिका और कई पश्चिमी देशों में इस ट्रेंड देखने को काफी हवा मिल रही है। अमेरिका जैसे देशों में तो टैनिंग सेंटर्स का धंधा खूब फल-फूल रहा है। लोग सनबाथ, टैनिंग बेड, स्प्रे टैनिंग और आर्टिफिशियल यूवी रेज के जरिए अपनी स्किन को ब्रॉन्ज्ड, गोल्डन या डार्क ब्राउन शेड में बदलवा रहे हैं। कुछ लोग बीच पर घंटों धूप सेंकते हैं, टैनिंग बेड का इस्तेमाल करते हैं और स्प्रे टैनिंग जैसी तकनीकों से अपनी स्किन को गोल्डन या ब्राउन शेड देते हैं।

टैनिंग सैलून में हजारों खर्च कर रहे लोग
गर्मियों के मौसम में यह ट्रेंड और ज्यादा बढ़ जाता है। युवाओं से लेकर मॉडल्स और फिल्मी सितारों तक, बड़ी संख्या में लोग टैन लुक को आकर्षक मानते हैं। उनके मुताबिक हल्का सांवला रंग शरीर को ज्यादा फिट, ग्लैमरस और स्टाइलिश दिखाता है। सोशल मीडिया पर ब्रॉन्ज्ड लुक वाले इन्फ्लुएंसर्स और सेलिब्रिटीज को देखकर युवा भी उसी तरह की स्किन पाने की कोशिश करते हैं। यहां कई टैनिंग सैलून भी हैं जहां एक सेशन के लिए हजारों रुपये लिए जाते हैं। हालांकि स्वास्थ्य विशेषज्ञ बार-बार चेतावनी देते हैं कि जरूरत से ज्यादा टैनिंग त्वचा के लिए नुकसानदायक हो सकती है।