नारी डेस्क: जिस तरह आप घर से बाहर रहते हुए CCTV कैमरे से अपने घर की निगरानी करते हैं, अब उसी तरह आपकी सेहत पर भी 24 घंटे नजर रखी जा सकेगी। भारत ने दुनिया का पहला डॉक्टर-लीड AI कंटीन्यूअस हेल्थकेयर सिस्टम लॉन्च किया है, जो अस्पताल से बाहर रहते हुए भी मरीज की लगातार निगरानी करता है। इस सिस्टम की सबसे खास बात यह है कि यह बीमारी के लक्षण दिखने से पहले ही शरीर में हो रहे बदलावों को पहचान लेता है, जिससे समय रहते इलाज संभव हो जाता है।
क्या है यह डॉक्टर-लीड AI सिस्टम
इस नई तकनीक को तैयार करने वाले कार्डियो सर्जन डॉ. राहुल चंदोला बताते हैं कि यह सिस्टम शरीर में हो रही छोटी-छोटी गड़बड़ियों को बहुत पहले पकड़ लेता है। इससे गंभीर बीमारी या इमरजेंसी से पहले ही सावधानी बरती जा सकती है और बार-बार अस्पताल जाने की जरूरत भी कम हो जाती है। यह अपनी तरह का दुनिया का पहला AI हेल्थकेयर सिस्टम है, जो अस्पताल की चारदीवारी से बाहर भी मरीज को रियल-टाइम मेडिकल निगरानी देता है।

सिस्टम का नाम और कैसे करता है काम
इस सिस्टम का नाम iLive Connect है। इसके तहत मरीज को एक छोटा वायरलेस पैच और एक रिस्टबैंड पहनाया जाता है। ये दोनों डिवाइस शरीर से जुड़ा जरूरी हेल्थ डेटा लगातार रिकॉर्ड करते रहते हैं।
क्या-क्या जानकारी करता है रिकॉर्ड
यह AI सिस्टम लगातार इन चीजों पर नजर रखता है
दिल की धड़कन
ECG
सांस लेने की गति
ऑक्सीजन लेवल
शरीर का तापमान
ब्लड प्रेशर का ट्रेंड
रोज की शारीरिक गतिविधियां
यह सारा डेटा सुरक्षित तरीके से क्लाउड के जरिए मेडिकल कमांड सेंटर तक पहुंचता है।

24 घंटे डॉक्टर करते हैं निगरानी
मेडिकल कमांड सेंटर में 24 घंटे विशेषज्ञ डॉक्टर मौजूद रहते हैं, जो रियल-टाइम में मरीज की स्थिति पर नजर रखते हैं। अगर शरीर में कोई भी गड़बड़ी शुरू होती है, तो AI सिस्टम तुरंत अलर्ट भेज देता है, जिससे बड़ी बीमारी या मेडिकल इमरजेंसी से पहले ही कदम उठाया जा सकता है।
छोटी समस्या से पहले बड़ी बीमारी की पहचान
अगर किसी मरीज को कई दिनों से पूरी नींद नहीं मिल रही है, तो यह सिस्टम खुद बता देता है कि उसे कितने घंटे की नींद की कमी हो रही है। ऐसे छोटे संकेत आगे चलकर होने वाली बड़ी मेडिकल परेशानियों से बचा सकते हैं। जब मरीज अस्पताल से डिस्चार्ज होकर घर जाता है, उस समय उसकी सेहत पर लगातार नजर रखना बेहद जरूरी होता है। यह डिवाइस शुरुआती गिरावट को तुरंत पकड़ लेता है और समय पर डॉक्टर की सलाह मिल जाती है।
410 मरीजों पर किया गया परीक्षण
आंकड़ों के मुताबिक, 10 हफ्तों के अध्ययन में इस सिस्टम को 410 से ज्यादा मरीजों पर आजमाया गया। नतीजों में सामने आया कि अस्पताल में बार-बार भर्ती होने के मामलों में करीब 76% तक कमी आई इस तकनीक से खासतौर पर बुजुर्ग लोग पुरानी बीमारी से जूझ रहे मरीज और हाल ही में अस्पताल से डिस्चार्ज हुए लोग को बहुत फायदा मिल रहा है।

अब सेहत भी रहेगी सुरक्षित
कुल मिलाकर, यह तकनीक आपकी सेहत पर CCTV जैसी 24 घंटे निगरानी रखती है वो भी डॉक्टरों की सीधी देखरेख में। इससे समय रहते बीमारी की पहचान और बेहतर इलाज संभव हो पाएगा।