नारी डेस्क : देश की राजधानी दिल्ली में LPG Gas Cylinder की डिलीवरी को लेकर बड़ी समस्या सामने आ रही है। समय पर बुकिंग करने के बावजूद लोगों को 10–15 दिन तक सिलेंडर नहीं मिल रहा, जिससे आम जनता की परेशानियां लगातार बढ़ती जा रही हैं।
एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें
नजफगढ़, उत्तम नगर, विवेक विहार, लक्ष्मी नगर, शाहदरा, मयूर विहार, संगम विहार, बदरपुर और कालकाजी जैसे इलाकों में सुबह से ही गैस एजेंसियों के बाहर लोगों की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। लोग घंटों लाइन में खड़े रहने को मजबूर हैं, फिर भी उन्हें समय पर सिलेंडर नहीं मिल पा रहा।
तय तारीख पर नहीं हो रही डिलीवरी
उपभोक्ताओं का कहना है कि बुकिंग के समय जो डिलीवरी डेट दी जाती है, उस दिन सिलेंडर नहीं पहुंचता। कई बार डिलीवरी बॉय फोन करके आने की बात करता है, लेकिन बाद में नहीं आता। इससे लोगों का भरोसा सिस्टम पर धीरे-धीरे कम होता जा रहा है।

एजेंसियों का दावा, सप्लाई सामान्य
राजघाट और आरके पुरम समेत कई गैस एजेंसियों के संचालकों का कहना है कि दिल्ली में LPG Gas Cylinder की कोई कमी नहीं है। उनके अनुसार ज्यादातर उपभोक्ताओं को समय पर गैस मिल रही है। देरी केवल ट्रांसपोर्ट या तकनीकी कारणों से हो सकती है। हालांकि, एजेंसियां इस समस्या को बड़े संकट के रूप में मानने से इनकार कर रही हैं।
क्या डिलीवरी सिस्टम ही असली समस्या?
स्थानीय लोगों का आरोप है कि असली समस्या गैस की कमी नहीं, बल्कि डिलीवरी सिस्टम की कमजोरी है। समय पर सही जानकारी नहीं मिलती, ट्रैकिंग सिस्टम कमजोर है और मैनेजमेंट में खामियां साफ नजर आ रही हैं। इस संकट का सबसे ज्यादा असर छोटे व्यापारियों पर पड़ा है। ढाबे, रेहड़ी-पटरी और छोटे होटल गैस की कमी के कारण बंद होने की कगार पर पहुंच गए हैं। कई जगहों पर चूल्हे ठंडे पड़ चुके हैं।

होटल और रेस्तरां भी प्रभावित
करोल बाग, पहाड़गंज, द्वारका और कश्मीरी गेट जैसे इलाकों में गैस सप्लाई आधी रह गई है। कई होटल अपने मेन्यू में कटौती कर रहे हैं, जबकि कुछ जगहों पर सिर्फ एक समय का खाना ही तैयार किया जा रहा है। लोगों का कहना है कि अगर डिलीवरी का सही समय और अपडेट मिल जाए, तो समस्या काफी हद तक कम हो सकती है। इसके लिए डिलीवरी सिस्टम को मजबूत करने और पारदर्शिता बढ़ाने की जरूरत है।
दिल्ली में LPG सिलेंडर की सप्लाई को लेकर भले ही एजेंसियां सब कुछ सामान्य बता रही हों, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। अगर जल्द ही डिलीवरी सिस्टम में सुधार नहीं किया गया, तो यह समस्या और गंभीर रूप ले सकती है।