
नारी डेस्क: आजकल सोशल मीडिया पर माइग्रेन से राहत पाने का एक अजीब-सा तरीका खूब वायरल हो रहा है। इसमें लोग भौंह (eyebrow) पर हेयर क्लिप या कपड़े की क्लिप लगाकर दावा कर रहे हैं कि उनका माइग्रेन दर्द कुछ ही मिनटों में कम हो जाता है। लेकिन सवाल यह है कि क्या यह तरीका सच में काम करता है या सिर्फ एक भ्रम है? इस पर न्यूरोलॉजिस्ट ने साफ राय दी है।
यह ‘माइग्रेन हैक’ क्या है?
इस ट्रेंड में लोग भौंह के बीच या ऊपर की नस पर हल्का दबाव डालने के लिए क्लिप लगाते हैं। उनका कहना है कि इससे सिर का तेज दर्द कम हो जाता है। कई लोग इसे “तुरंत राहत” देने वाला उपाय बता रहे हैं। न्यूरोलॉजिस्ट के अनुसार इस तरीके का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। माइग्रेन एक न्यूरोलॉजिकल समस्या है, जो दिमाग की नसों और केमिकल्स से जुड़ी होती है, सिर्फ बाहर से दबाव डालने से माइग्रेन की असली वजह खत्म नहीं होती। हालांकि, डॉक्टर यह भी मानते हैं कि कुछ लोगों को इससे अस्थायी राहत महसूस हो सकती है।
क्या सच में इससे मिलता है आराम
इसके पीछे कुछ संभावित कारण हो सकते हैं भौंह पर दबाव पड़ने से डिस्ट्रैक्शन होता है, यानी ध्यान दर्द से हट जाता है। यह तरीका एक्यूप्रेशर पॉइंट्स जैसा काम कर सकता है। प्लेसीबो इफेक्ट, यानी दिमाग का यह मान लेना कि इससे फायदा होगा। लेकिन यह राहत थोड़ी देर के लिए होती है, स्थायी इलाज नहीं। न्यूरोलॉजिस्ट चेतावनी देते हैं कि बहुत टाइट क्लिप लगाने से त्वचा को नुकसान, नसों पर ज्यादा दबाव, चक्कर या सुन्नपन हो सकता है। इसलिए इसे इलाज समझकर अपनाना सही नहीं है।
माइग्रेन में क्या करना ज्यादा सही है?
डॉक्टरों के मुताबिक माइग्रेन कंट्रोल करने के लिए ट्रिगर फूड (जैसे ज्यादा कैफीन, फास्ट फूड) से बचें, पर्याप्त नींद लें, स्ट्रेस मैनेज करें, डॉक्टर द्वारा दी गई दवाएं लें, जरूरत हो तो न्यूरोलॉजिस्ट से सलाह लें।भौंह पर क्लिप लगाने वाला ‘माइग्रेन हैक’ कोई पक्का इलाज नहीं है। यह कुछ लोगों को थोड़ी देर राहत दे सकता है, लेकिन माइग्रेन जैसी गंभीर समस्या के लिए इसे मेडिकल ट्रीटमेंट का विकल्प नहीं माना जा सकता। माइग्रेन को हैक्स से नहीं, सही इलाज और लाइफस्टाइल बदलाव से कंट्रोल किया जा सकता है।