
नारी डेस्क: क्या आप जानते हैं कि डिटॉक्स डाइट शुरू करने के बाद कुछ समय के लिए आपकी त्वचा फीकी और बेजान दिख सकती है?यह सुनने में अजीब लग सकता है, लेकिन त्वचा विशेषज्ञों के अनुसार इसके पीछे कई वैज्ञानिक कारण होते हैं। क्योंकि डिटॉक्स का मतलब खुद को भूखा रखना नहीं, बल्कि शरीर को संतुलित पोषण देना है। अगर सही तरीके से किया जाए तो त्वचा कुछ दिनों बाद और भी ज्यादा ग्लोइंग दिख सकती है।
डिटॉक्स डाइट से त्वचा डल होने का कारण
शरीर से टॉक्सिन निकलने की प्रक्रिया: जब आप डिटॉक्स डाइट शुरू करते हैं, तो शरीर जमा हुए विषैले तत्वों को बाहर निकालना शुरू करता है। इस दौरान त्वचा पर हल्की पिग्मेंटेशन, दाने या रूखापन दिखाई दे सकता है। यह एक अस्थायी “क्लीनिंग फेज़” होता है।
अचानक कैलोरी कम करना: कई लोग डिटॉक्स के नाम पर बहुत कम खाना खाने लगते हैं। इससे शरीर को जरूरी पोषक तत्व नहीं मिलते, खासकर प्रोटीन और हेल्दी फैट्स। इनकी कमी से त्वचा का ग्लो कम हो सकता है।
पानी की कमी (डिहाइड्रेशन): कुछ डिटॉक्स प्लान में सिर्फ जूस या सीमित तरल पदार्थ दिए जाते हैं। अगर पर्याप्त पानी नहीं पिया जाए तो त्वचा सूखी और बेजान लगने लगती है।
इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन: अत्यधिक लिक्विड डाइट लेने से शरीर में सोडियम और पोटैशियम का संतुलन बिगड़ सकता है, जिसका असर त्वचा की चमक पर पड़ता है।
डिटॉक्स करते समय होने वाली आम गलतियां
लंबे समय तक लिक्विड डाइट लेना, 1-2 दिन ठीक है, लेकिन लंबे समय तक ऐसा करना त्वचा और स्वास्थ्य दोनों के लिए नुकसानदायक हो सकता है। प्रोटीन को नजरअंदाज करना भी एक गलती है त्वचा की कोशिकाओं को रिपेयर होने के लिए प्रोटीन जरूरी है।अत्यधिक नींबू-पानी या एसिडिक ड्रिंक त्वचा में डिहाइड्रेशन बढ़ा सकते हैं। हर शरीर अलग होता है, इसलिए बिना विशेषज्ञ की सलाह के सख्त डिटॉक्स प्लान अपनाना सही नहीं। डिटॉक्स के दौरान मॉइस्चराइज़र और सनस्क्रीन का इस्तेमाल जरूर करें।
त्वचा का ख्याल रखने के तरीके
डिटॉक्स के दौरान संतुलित आहार लें जिसमें फल, सब्जियां, प्रोटीन और हेल्दी फैट शामिल हों। रोज़ कम से कम 2–3 लीटर पानी पिएं। पर्याप्त नींद लें, क्योंकि नींद ही असली डिटॉक्स है। हल्की एक्सरसाइज करें ताकि ब्लड सर्कुलेशन बेहतर हो।