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Acrylic Nails लगाने से महिला को हो गया खतरनाक Cancer, देखकर भी कर दी बड़ी गलती

  • Edited By Vandana,
  • Updated: 04 Feb, 2026 09:18 PM
Acrylic Nails लगाने से महिला को हो गया खतरनाक Cancer, देखकर भी कर दी बड़ी गलती

नारी डेस्कः हाथों की खूबसूरती बढ़ाने के लिए इन दिनों नेल एक्सटेंशन, एक्रेलिक नेल्स का खूब ट्रेंड चल रहा है लेकिन ये एक्रेलिक नेल्स का फैशन आपको गंभीर बीमारी की चपेट में फंसा सकता है। 35 साल की महिला इन नकली नाखूनों की वजह से दुर्लभ कैंसर का शिकार हो गई। जी हां, बार-बार बार-बार एक्रेलिक नेल्स लगाने से ब्रिटेन की रहने वाली 35 वर्षीय लूसी थॉमस को सबअंगुअल मेलानोमा (Subungual Melanoma) नामक दुर्लभ लेकिन खतरनाक स्किन कैंसर होने की पुष्टि हुई। इसकी शुरुआत उनके नाखून के नीचे पड़ी पतली काली लेकिन लंबी लाइन से हुई जिसे महिला ने महीनों नजरअंदाज किया था लेकिन बाद में जांच में पता चला कि नाखून की जड़ में प्री-कैंसर कोशिकाएं थी।

डॉक्टरों के अनुसार, यह कैंसर लंबे समय तक नाखूनों को होने वाली क्षति और मैनीक्योर के दौरान इस्तेमाल होने वाली यूवी लाइट के संपर्क से जुड़ा हो सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि नकली नाखून न केवल बीमारी के शुरुआती लक्षणों को छिपा देते हैं बल्कि सही समय पर पहचान और इलाज में भी देरी कर सकते हैं। यह मामला इसलिए भी डराने वाला है क्योंकि आमतौर पर ब्यूटी रूटीन को सुरक्षित माना जाता है लेकिन छोटी-सी लापरवाही गंभीर खतरा बन सकती है। डॉक्टरों ने लोगों से नाखूनों में किसी भी असामान्य बदलाव को नजरअंदाज न करने और समय पर जांच कराने की सलाह दी है। लूसी थॉमस, नियमित रूप से एक्रेलिक नेल्स लगा रही थी लेकिन अब लोगों से अपील कर रही हैं कि वे नकली नाखूनों को समय-समय पर हटाएं या बेहतर है कि उन्हें बिल्कुल न पहनें।

लूसी ने बताया कि करीब दो साल पहले जब उन्होंने अपने एक्रेलिक नेल्स हटाएं, तो उनके बाएं अंगूठे के नाखून के नीचे एक काली, पतली और सीधी रेखा दिखाई दी। शुरुआत में उन्होंने इसे गंभीरता से नहीं लिया लेकिन एक दोस्त की सलाह पर उन्होंने इसे डॉक्टर को दिखाया। जांच के बाद डॉक्टरों को शक हुआ कि यह सबअंगुअल मेलानोमा हो सकता है जो नाखून के नीचे होने वाला एक दुर्लभ स्किन कैंसर है।आगे की जांच में नाखून की जड़ (नेल बेड) में प्री-कैंसरस कोशिकाएं पाई गईं, जिन्हें हटाने की जरूरत थी। बायोप्सी में उन्हें प्री-कैंसरस कोशिकाओं की पुष्टि हुई। लूसी के मुताबिक, “अगर समय रहते इलाज न होता, तो इसके स्किन कैंसर में बदलने की संभावना बहुत ज्यादा थी। यह सबअंगुअल मेलानोमा बन सकता था।”
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क्या है सबअंगुअल मेलानोमा?

सबअंगुअल मेलानोमा (subungual melanoma), जिसे नेल मेलानोमा भी कहा जाता है, नाखून के नीचे होने वाला स्किन कैंसर है। यह आमतौर पर नाखून के नीचे गहरे रंग की लंबवत पट्टी के रूप में दिखाई देता है। यह कैंसर दुर्लभ है, लेकिन बेहद गंभीर होता है। यह अक्सर अंगूठे, बड़ी पैर की उंगली या तर्जनी में विकसित होता है। यह कैंसर नाखून की जड़ (नैल मैट्रिक्स) में शुरू होता है, जहां नसें, रक्त वाहिकाएं और लिम्फ टिश्यू मौजूद होते हैं। यह बीमारी मेलानोसाइट्स नाम की कोशिकाओं से शुरू होती है, जो त्वचा को रंग देने वाला मेलानिन बनाती हैं। जब इन कोशिकाओं की गतिविधि बढ़ जाती है, तो नाखून के नीचे काली रेखा दिखाई देने लगती है। अक्सर लोग नाखून के रंग बदलने को चोट या संक्रमण मान लेते हैं, जिससे इस कैंसर की पहचान देर से होती है। डॉक्टरों का कहना है कि अगर सबअंगुअल मेलानोमा की पहचान शुरुआती चरण में हो जाए, तो इलाज सफल हो सकता है।

सबअंगुअल मेलानोमा कैंसर के लक्षण

नाखून के नीचे काली या भूरे रंग की सीधी रेखा
समय के साथ उस रेखा का चौड़ा या लंबा होना
नाखून का फटना, टूटना या आकार बदलना
नाखून के आसपास सूजन या दर्द
नाखून का नेल बेड से अलग होना
घाव, गांठ या खून आना
नाखून के आसपास की त्वचा का रंग बदलना

याद रखने वाली बातः कुछ मामलों में नाखून का रंग नहीं बदलता इसलिए नाखून में किसी भी असामान्य बदलाव को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ये चेतावनी खासकर उन लोगों के लिए है जो लगातार नेल्स एक्सटेंशन और एक्रेलिक नेल्स करवा रही हैं। 

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