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करवाचौथ पर क्यों देखा जाता है छलनी से चांद?

करवाचौथ पर क्यों देखा जाता है छलनी से चांद?
Views:- Thursday, October 25, 2018-2:34 PM

करवाचौथ का व्रत इस बार 27 अक्टूबर को मनाया जा रहा है। इस बार पूजा मुहूर्त 5:40 से 6:47 तक और चंद्रोदय समय शाम 7 बजकर 55 मिनट है। पति की लंबी उम्र के लिए रखे जाने वाले इस व्रत को चांद की पूजा करके खोला जाता है। करवाचौथ पर चांद हमेशा छलनी से ही देखा जाता है। महिलाए बड़े शौंक से छलनी सजाती है लेकिन क्या आप जानते हैं इसके पीछे की वजह?


क्यों देखते हैं छलनी से चांद?
करवाचौथ की कथा के मुताबिक सात भाइयों की एक बहन वीरावती को उसके भाइयों ने स्नेहवंश भोजन करवाने के लिए छल से चांद की बजाय छलनी की ओट में दीपक दिखाकर भोजन करवा दिया था, जिससे उसका व्रत भंग हो गया।
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इसके बाद उसने पूरे साल चतुर्थी का व्रत किया। दोबारा करवाचौथ आने पर उसने विधिपूर्वक व्रत किया और उसे सौभाग्य की प्राप्ति हुई। इसके पीछे एक और रहस्य है कि कोई छल से उनका व्रत भंग न कर दें इसलिए छलनी के जरिए बहुत बारीकी से चंद्रमा के देखकर व्रत खोला जाता है। इसी बात को दोहराते हुए लोग छलनी से चांद देखते हैं। 


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