नारी डेस्क: पीरियड्स हर महीने आने वाली एक प्राकृतिक प्रक्रिया है, जिससे हर महिला गुजरती है। इस दौरान शरीर में कई तरह के बदलाव होते हैं, जैसे पेट दर्द, मूड स्विंग, थकान, हैवी ब्लीडिंग या सीने में दर्द। लेकिन कई महिलाओं को पीरियड्स आने से कुछ दिन पहले ब्रेस्ट में भारीपन, सूजन और दर्द महसूस होता है डॉक्टर उपासना के अनुसार, यह समस्या काफी आम है और ज्यादातर मामलों में हार्मोनल बदलाव के कारण होती है।
पीरियड्स से पहले ब्रेस्ट भारी होने के कारण
पीरियड्स से पहले शरीर में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन हार्मोन का स्तर बदलता है। इन हार्मोनल बदलावों की वजह से स्तनों में सूजन आ सकती है और उनमें पानी जमा हो सकता है। इससे ब्रेस्ट भारी और संवेदनशील महसूस होते हैं। कुछ महिलाओं में फाइब्रोसिस्टिक बदलाव भी देखने को मिलते हैं, जिसमें स्तनों के टिशू थोड़े सख्त या गांठ जैसे महसूस हो सकते हैं। यह भी आमतौर पर हार्मोनल कारणों से होता है और पीरियड शुरू होने के बाद ठीक हो जाता है।

क्या यह सामान्य है?
डॉक्टरों के अनुसार, पीरियड्स से पहले ब्रेस्ट में दर्द, सूजन या भारीपन महसूस होना पूरी तरह सामान्य है। यह प्री-मेंस्ट्रुअल सिंड्रोम (PMS) का हिस्सा हो सकता है। जैसे ही पीरियड्स शुरू होते हैं, हार्मोन का स्तर सामान्य होने लगता है और यह समस्या धीरे-धीरे कम हो जाती है। हालांकि, अगर दर्द बहुत ज्यादा हो, लंबे समय तक बना रहे या किसी तरह की असामान्य गांठ महसूस हो, तो डॉक्टर से सलाह जरूर लेनी चाहिए।
राहत पाने के लिए क्या करें?
सही ब्रा पहनें: इन दिनों में सपोर्टिव और सही फिटिंग वाली ब्रा पहनें। कोशिश करें कि बिना तार (नॉन-वायर्ड) और आरामदायक ब्रा का इस्तेमाल करें, जिससे दबाव कम हो।
खानपान में बदलाव करें: पीरियड्स के दौरान नमक कम खाएं, क्योंकि ज्यादा नमक शरीर में सूजन बढ़ा सकता है। हल्का और संतुलित भोजन लें और खूब पानी पिएं, ताकि शरीर में पानी की कमी न हो और सूजन कम रहे।
सिकाई करें: अगर दर्द या भारीपन ज्यादा हो तो हल्की गर्म सिकाई से राहत मिल सकती है। गर्म पानी की बोतल या कपड़े से सिकाई की जा सकती है।
हल्की मालिश करें: गुनगुने तेल से हल्की मालिश करने से दर्द कम हो सकता है। आयुर्वेदिक तरीके से अजवाइन या हींग को हल्के गर्म तेल में मिलाकर मालिश करने से भी राहत मिलती है।

ध्यान रखने वाली बात
ज्यादातर मामलों में यह समस्या सामान्य होती है और पीरियड्स शुरू होने के बाद ठीक हो जाती है। लेकिन अगर दर्द असहनीय हो या बार-बार ज्यादा सूजन हो, तो डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।