नारी डेस्क : हम सभी चाहते हैं कि हमारा शरीर स्वस्थ रहे, इसलिए अक्सर हम विटामिन A, B, C और D जैसे विटामिन्स पर ध्यान देते हैं। लेकिन इसी बीच एक जरूरी विटामिन K अक्सर नजरअंदाज हो जाता है। बहुत से लोग इसकी अहमियत नहीं समझते, जबकि इसकी कमी धीरे-धीरे शरीर को नुकसान पहुंचा सकती है। अगर लंबे समय तक विटामिन K की कमी बनी रहे, तो यह न सिर्फ रोजमर्रा की सेहत को प्रभावित करती है, बल्कि आगे चलकर दिल की बीमारियों जैसी गंभीर समस्या का कारण भी बन सकती है।
विटामिन K क्या है और क्यों जरूरी है?
विटामिन K एक फैट में घुलने वाला विटामिन है। यह शरीर में कई अहम प्रोटीन को सक्रिय करता है,
जो खून के थक्के (ब्लड क्लॉट) बनने
हड्डियों को मजबूत रखने
दिल और धमनियों की सुरक्षा
में अहम भूमिका निभाते हैं।

विटामिन K की कमी के लक्षण
जब शरीर में विटामिन K की मात्रा कम हो जाती है, तो इसके संकेत साफ दिखाई देने लगते हैं,
जैसे मामूली चोट पर भी ज्यादा खून बहना
बार-बार नाक से खून आना
मसूड़ों से खून निकलना
शरीर पर बिना कारण नीले निशान पड़ना
ये सभी लक्षण बताते हैं कि खून के थक्के बनने की प्रक्रिया सही से काम नहीं कर पा रही है।
हड्डियों को कमजोर बना सकती है कमी
विटामिन K ऑस्टियोकैल्सिन नामक प्रोटीन के निर्माण में मदद करता है, जो कैल्शियम को हड्डियों से जोड़ता है।
इसकी कमी से कैल्शियम सही तरह से हड्डियों तक नहीं पहुंच पाता
धीरे-धीरे हड्डियां कमजोर होने लगती हैं
आगे चलकर ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा बढ़ जाता है
हल्की चोट या गिरने पर भी फ्रैक्चर हो सकता है।

हार्ट डिजीज से क्या है इसका कनेक्शन?
विटामिन K दिल की सेहत के लिए भी बेहद जरूरी है। यह:
धमनियों में कैल्शियम को जमा होने से रोकता है
धमनियों को सख्त होने से बचाता है
ब्लड फ्लो को बेहतर बनाए रखता है
अगर विटामिन K की कमी हो जाए, तो कैल्शियम धमनियों की दीवारों पर जमने लगता है। इससे धमनियां सख्त हो जाती हैं, ब्लड सर्कुलेशन प्रभावित होता है और हार्ट अटैक व अन्य दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
नवजात शिशुओं के लिए क्यों जरूरी?
नवजात बच्चों में जन्म के समय विटामिन K का स्तर बहुत कम होता है।
उनकी आंतों में ऐसे बैक्टीरिया नहीं होते जो विटामिन K बना सकें
इससे हेमरेजिक डिजीज ऑफ द न्यूबॉर्न का खतरा रहता है
इस बीमारी में आंतरिक ब्लीडिंग हो सकती है
इसी वजह से जन्म के तुरंत बाद बच्चों को विटामिन K का इंजेक्शन दिया जाता है।

विटामिन K की कमी कैसे दूर करें?
विटामिन K की कमी को दूर करने के लिए अपनी रोज़ाना डाइट में हरी पत्तेदार सब्जियों को जरूर शामिल करें। पालक, केल, ब्रोकोली, गोभी, ब्रसेल्स स्प्राउट्स, सरसों का साग, टर्निप ग्रीन्स और लेट्यूस विटामिन K1 के बेहतरीन स्रोत हैं। ये सब्जियां खून के थक्के बनने की प्रक्रिया को बेहतर बनाती हैं, हड्डियों को मजबूत रखने में मदद करती हैं और दिल की सेहत को भी सपोर्ट करती हैं। नियमित रूप से इनका सेवन करने से शरीर में विटामिन K का स्तर संतुलित रहता है और इसकी कमी से होने वाली समस्याओं का खतरा कम हो जाता है।
विटामिन K2 के स्रोत
विटामिन K2 की कमी को दूर करने के लिए डाइट में फर्मेंटेड सोया, चीज, अंडे की जर्दी और फर्मेंटेड डेयरी प्रोडक्ट्स को शामिल करना फायदेमंद होता है। ये खाद्य पदार्थ शरीर में कैल्शियम के सही उपयोग में मदद करते हैं, जिससे कैल्शियम हड्डियों तक पहुंचता है और धमनियों में जमा होने से बचता है। अगर शरीर में विटामिन K2 की कमी ज्यादा हो या सिर्फ खानपान से इसकी भरपाई न हो पा रही हो, तो ऐसी स्थिति में डॉक्टर की सलाह से विटामिन K के सप्लीमेंट या इंजेक्शन लेना जरूरी हो सकता है।