
नारी डेस्क : नवरात्रि का पावन पर्व शुरू हो चुका है और कई भक्त पूरे नौ दिन व्रत रखते हैं। इस दौरान शरीर को पर्याप्त ऊर्जा और पोषण मिलना बेहद जरूरी होता है। ऐसे में साबूदाना फलाहार का सबसे लोकप्रिय और स्वास्थ्यवर्धक विकल्प बन जाता है। साबूदाना हल्का, जल्दी पचने वाला और स्वाद में भी बेहतरीन होता है। यह व्रत में थकान और कमजोरी दूर रखता है और पूरे दिन तरोताजा बनाए रखता है। बता दें की साबूदाना में कार्बोहाइड्रेट, फाइबर, प्रोटीन, आयरन, पोटैशियम, कैल्शियम और विटामिन भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं।
जानें कैसे बनता है साबूदाना
साबूदाना कसावा (टैपिओका) के कंद से तैयार किया जाता है। यह छोटे-छोटे दानों के रूप में आता है, जो पानी या दूध में उबालने पर पारदर्शी हो जाते हैं।

साबूदाना खाने के 7 बड़े फायदे
कमजोरी दूर करें: व्रत में साबूदाना खाने से तुरंत ऊर्जा मिलती है और थकान महसूस नहीं होती।
पाचन सुधारे: फाइबर से भरपूर साबूदाना पेट को हल्का रखता है, कब्ज दूर करता है और पाचन क्रिया को मजबूत बनाता है।
वजन नियंत्रण में मदद: साबूदाना में कैलोरी कम होती है, इसलिए व्रत के दौरान वजन बढ़ने की चिंता नहीं रहती।
डायबिटीज में सहायक: फाइबर और प्रोटीन की मौजूदगी ब्लड शुगर को संतुलित रखने में मदद करती है।
दिल और ब्लड प्रेशर के लिए अच्छा: पोटैशियम और मैग्नीशियम से भरपूर होने के कारण यह दिल को स्वस्थ रखता है और ब्लड प्रेशर नियंत्रित करता है।
स्किन और बालों के लिए लाभकारी: साबूदाना में मौजूद विटामिन्स और सेलेनियम त्वचा और बालों को चमकदार बनाते हैं।
इम्यूनिटी बढ़ाए: व्रत के दौरान इसका सेवन शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करता है।

साबूदाना का सेवन कैसे करें
व्रत में इसे खिचड़ी, खीर या उबालकर खाया जा सकता है। सब्जियां (आलू, मटर, मूंगफली) मिलाकर खिचड़ी बनाने से यह और पौष्टिक बन जाती है।
तैयार करने का तरीका
साबूदाना 2-3 घंटे भिगोएं।
आलू, मटर और मूंगफली मिलाकर मसाले डालें।
खिचड़ी को उबालें और व्रत के दौरान गर्मागर्म परोसें।

साबूदाना खिचड़ी कार्बोहाइड्रेट्स से भरपूर होने के कारण जल्दी ऊर्जा देती है और आसानी से पच जाती है। पोटैशियम ब्लड प्रेशर संतुलित रखता है और कैल्शियम हड्डियों को मजबूत बनाता है। मूंगफली और आलू मिलाने से यह और स्वादिष्ट और पौष्टिक बन जाती है।