
नारी डेस्क : भारतीय संगीत जगत की दिग्गज गायिका आशा भोसले सिर्फ अपनी मधुर आवाज के लिए ही नहीं, बल्कि अपने संघर्षों भरे जीवन के लिए भी जानी जाती हैं। जिनका 12 अप्रैल की उम्र नें निधन हो गया है। बता दें की उनकी अचानक तबीयत बिगड़ने पर 11 अप्रैल को मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। रिपोर्ट्स के अनुसार सांस लेने की थी दिक्कत के कारण 92 साल की उम्र में हुआ निधन हो गया है। बता दें की मशहूर थिएटर एक्टर और क्लासिकल सिंगर दीनानाथ मंगेशकर की बेटी और महान गायिका लता मंगेशकर की छोटी बहन हैं आशा भोसले।
बचपन में जिम्मेदारियों का सहा बोझ
9 साल की उम्र में सिर से उठा पिता का साया। बहन लता मंगेशकर संग मिलकर सिंगिंग ताकि चल सके परिवार का खर्चा। आशा भोसले ने अपने करियर में 12,000 से ज्यादा गाने गाए। 16 साल की थी जब उन्होंने बहन लता के 31 साल के सेक्रेटरी गणपतराव से भागकर शादी कीं। परिवार इस शादी के सख्स खिलाफ था। इसलिए लंबे समय तक परिवार संग आशा की बातचीत बंद रहीं। इस शादी के चलते दोनों बहनों के बीच दूरियां आ गई थी।

खुद को खत्म करना चाहती थीं आशा भोसले
शादी के बाद आशा भोसले घरेलू हिंसा की शिकार हुईं। जिंदगी से इतनी निराश हो गई थीं कि खुद को खत्म करना चाहती थीं। 1960 में वह पहले पति से अलग हो गईं। अपने 3 बच्चों को लेकर वापिस परिवार के पास आ गई। दूसरी शादी संगीतकार आरडी बर्मन से की। दोनों की पहली मुलाकात 1956 में हुई थी। साथ काम करते हुए दोनों की दोस्ती प्यार में बदलनी शुरू हुई। एक दिन मौका पाकर आरडी बर्मन ने आशा भोसले को शादी के लिए प्रपोज किया। आशा ने भी तुरंत 'हां' बोल दिया। बर्मन की मां शादी के खिलाफ थी। उन्होंने बर्मन से कहा कि अगर ये शादी होगी तो मेरी लाश पर ही होगी। मां को रिश्ता इसलिए मंजूर नहीं था क्योंकि आशा उनसे 6 साल बड़ी थीं और 3 बच्चों की मां थीं। बर्मन ने मां की बात मानी लेकिन जब उनके पिता को निधन हुआ तो मां की मानसिक स्थिति बिगड़ गई। मां की हालत में सुधार लाने के लिए बर्मन ने 1980 में आशा से शादी कर ली। आरडी बर्मन से आशा को कोई संतान नहीं हुई।

दूसरी शादी के बाद भी अधूरी रहीं खुशियां
मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो आर.डी. बर्मन को शराब और सिगरेट की लत थी और इससे आशा बहुत परेशान थीं, क्योंकि इसी लत की वजह से उन्हें काम भी नहीं मिल पा रहा था। कुछ समय के बाद दोनों के बीच में झगड़े होने लगे और आशा भोंसले उनसे अलग रहने लगीं। आखिरी समय में आर.डी. बर्मन की आर्थिक स्थिति बेहद खराब थी। एक समय ऐसा भी रहा जब उन्हें काम मिलना बंद हो गया। सालों बाद विधु विनोद चोपड़ा ने मदद करते हुए उन्हें अपनी फिल्म 1942: ए लव स्टोरी में म्यूजिक कंपोज करने का मौका दिया लेकिन इसी का कामयाबी वो देख नहीं सकें। साल 1994 उनका निधन हो गया।